कार्यालय
उप निदेशक
महिला एवं बाल
विकास विभाग,
बारॉ
(A) समेकित
बाल विकास
सेवाएं
समेकित
बाल विकास
सेवाएं कार्यक्रम
(ICDS)
अपने बच्चों
के प्रति
वचनबद्वता का
प्रतीक है। ICDS का
मुख्य
उद्देश्य शिशुओं
को पाठशाला
पूर्व शिक्षा
प्रदान करना
तथा कुपोषण के
विशाल चक्र को
तोडना है। यह
एक केन्द्रीय
प्रयोजित
योजना
है।विभाग
द्वारा आंगनबाडी
केन्द्र के
माध्यम से निम्न
छ: सेवाएं
प्रदान की
जाती है।
1. पूरक
पोषाहार 2. टीकाकरण 3. स्वास्थ्य
एवं पोषण
शिक्षा
4. स्कूल
पूर्व शिक्षा 5. संदर्भ
सेवा 6.
वृद्धि
निगरानी
उक्त
6 सेवाओं की
क्रियान्विती
के लिए जिले
में निम्नलिखित
सेवाएं चल रही
है।
1. आंगनबाडी
केन्द्र
संचालन :-उक्त
सेवाओं को
प्राप्त
करने हेतु
प्रत्येक
ग्राम स्तर
पर एक
आंगनबाडी
केन्द्र संचालित
किया जाता है।
वर्तमान में
स्वीकृत
संचालित
आंगनबाडी
केन्द्र की
संख्या निम्नानुसार
है :-
|
क्र.सं. |
परियोजना |
आंगनबाडी
केन्द्र |
मिनी
आंगनबाडी
केन्द्र |
कुल
आंगनबाडी
केन्द्र |
|||
|
स्वीकृत |
प्रगति |
स्वीकृत |
प्रगति |
स्वीकृत |
प्रगति |
||
|
1 |
अन्ता |
205 |
202 |
12 |
9 |
217 |
211 |
|
2 |
अटरू |
170 |
164 |
33 |
23 |
203 |
187 |
|
3 |
बारॉ
शहर |
104 |
96 |
5 |
2 |
109 |
98 |
|
4 |
बारॉ
ग्रामीण |
143 |
143 |
14 |
12 |
157 |
155 |
|
5 |
छबडा |
158 |
153 |
50 |
38 |
208 |
191 |
|
6 |
छीपाबडौद |
195 |
195 |
25 |
21 |
220 |
216 |
|
7 |
किशनगंज |
224 |
217 |
45 |
42 |
269 |
259 |
|
8 |
शाहबाद |
162 |
159 |
27 |
25 |
189 |
184 |
|
|
कुल
योग |
1361 |
1329 |
211 |
172 |
1572 |
1501 |
जिले
में नवीन 46
आंगनबाडी
केन्द्रो पर निर्धारित
योग्यता की
महिलाएं उपलब्ध
नही होने के
कारण ग्राम
सभाओं में चयन
नही किया जा
सका। अत:
विभाग के
निर्देशानुसार
परियोजना स्तर
पर सीधे आवेदन
पत्र आमंत्रीत
कर पंचायत
समिति के
अनुमोदन
उपरांत चयन
किया जावेगा।
उक्त प्रक्रिया
प्रारम्भ कर
दी गई है।
1. आंगनबाडी
केन्द्रों
पर नियुक्त
कार्मिक :- आंगनबाडी
केन्द्र
संचालन का
मुख्स
दायित्व आंगनबाडी
कार्यकर्ता
का होता है
तथा पोषण स्वास्थ्य
शिक्षा,
टीकाकरण जननी
योजना का
कार्य आशा-सहयोगिनी
द्वारा किया
जाता है। पूरक
पोषाहार
निर्माण,
वितरण तथा सफाई
कार्य का
दायित्व सहायिका
द्वारा सम्पादित
किया जाता है।
वर्तमान
कार्यरत
कार्मिको की
संख्या निम्नानुसार
है :-
|
क्र.सं. |
परियोजना |
आंगनबाडी
कार्यकर्ता |
आशा-सहयोगिनी |
सहायिका |
मिनी
कार्यकर्ता |
|||||
|
स्वीकृत |
प्रगति |
स्वीकृत |
प्रगति |
स्वीकृत |
प्रगति |
स्वीकृत |
प्रगति |
|
||
|
1 |
अन्ता |
205 |
202 |
205 |
194 |
205 |
205 |
12 |
9 |
|
|
2 |
अटरू |
170 |
162 |
170 |
145 |
170 |
161 |
33 |
23 |
|
|
3 |
बारॉ
शहर |
104 |
94 |
104 |
80 |
104 |
94 |
5 |
2 |
|
|
4 |
बारॉ
ग्रामीण |
143 |
139 |
143 |
131 |
143 |
138 |
14 |
12 |
|
|
5 |
छबडा |
158 |
153 |
158 |
108 |
158 |
146 |
50 |
38 |
|
|
6 |
छीपाबडौद |
195 |
177 |
195 |
165 |
195 |
146 |
25 |
21 |
|
|
7 |
किशनगंज |
224 |
214 |
224 |
175 |
224 |
211 |
45 |
42 |
|
|
8 |
शाहबाद |
162 |
159 |
162 |
154 |
162 |
155 |
27 |
26 |
|
|
|
योग |
1361 |
1300 |
1361 |
1152 |
1361 |
1256 |
211 |
173 |
|
उक्त
कार्मिको का
चयन ग्राम सभा
के माध्यम से
किया जाता है
तथा समस्त पद
मानदेय सेवा
पर आधारित है।
3. पूरक
पोषाहार:- आंगनबाडी
केन्द्रो पर
छ: माह से 6 वर्ष
तक के बच्चों
व गर्भवती,
धात्री,
किशोरी
बालिकाओं को
पूरक पोषाहार
का वितरण किया
जाता है। पूरक
पोषाहार 4
परियोजनाओं
(शाहबाद,अन्ता,छबडा,छीपाबडौद)
में बेबीमिक्स,
निदेशालय के
माध्यम से सीधे
ही
परियोजनाओं
के गोदाम तक
पहुंचाया जा रहा
है। तथा शेष 4
परियोजनाओं
(बारां
ग्रामीण,किशनगंज,अटरू,बारां
शहर) में
विकेन्द्रीकृत
(स्थानीय स्वयं
सहायता समूह
के माध्यम से)
पूरक पोषाहार
की व्यवस्था
की जाती है। गरम
पूरक पोषाहार
समस्त आंगनबाडी
केन्द्रो पर
स्वयं
सहायता
समूहों/मातृ
समिति के
द्वारा क्रय व
वितरण किया
जाता है
आंगनबाडी
केन्द्र पर
इच्छुक समस्त
लाभार्थियों
को पंजीकृत
किया जाता है।
3 से 6 वर्षो की
आयु में लक्ष्य
स्कूल नही
जाने वाले इच्छुक
बच्चे ही
लक्ष्य होते
है। पोषाहार
वितरण मात्रा
निम्नानुसार
है :-
|
जिले
में
आंगनबाडी
केन्द्रो
पर दिये जाने
वाले
पोषाहार |
|||||
|
परियोजना |
लाभार्थी |
वर्ग |
नाम
पोषाहार |
पोषाहार की
वितरित की
जाने वाली
मात्रा |
विशेष
विवरण |
|
अन्ता,
शाहबाद, छबडा,
छीपाबडौद |
6 माह
से 3 वर्ष |
सामान्य |
हलवा
प्रीमिक्स |
120
ग्राम
प्रतिदिन |
17 दिन
(साप्ताहिक) |
|
|
|
पंजीरी |
125
ग्राम
प्रतिदिन |
8 दिन
साप्ताहिक |
|
|
|
अतिकुपोषित |
हलवा
प्रीमिक्स |
240
ग्राम
प्रतिदिन |
17 दिन
(साप्ताहिक) |
|
|
3 से 6
वर्ष |
सामान्य |
हलवा
प्रीमिक्स |
50
ग्राम
प्रतिदिन |
13 दिन |
|
|
|
|
उपमा
प्रीमिक्स |
40
ग्राम
प्रतिदिन |
12 दिन |
|
|
|
|
खिचडी,
दलिया |
80
ग्राम
प्रतिदिन |
25 दिन |
|
|
|
अतिकुपोषित |
हलवा
प्रीमिक्स |
75
ग्राम
प्रतिदिन |
13 दिन |
|
|
|
|
उपमा
प्रीमिक्स |
60
ग्राम
प्रतिदिन |
12 दिन |
|
|
|
|
खिचडी,
दलिया |
80
ग्राम
प्रतिदिन |
25 दिन |
|
|
गर्भवती/धात्री
महिलाऐं |
गर्भवती/धात्री
महिलाऐं |
हलवा
प्रीमिक्स |
140
ग्राम
प्रतिदिन |
12 दिन
(साप्ताहिक) |
|
|
|
|
उपमा |
130
ग्राम
प्रतिदिन |
13 दिन
(साप्ताहिक) |
|
|
अटरू,किशनगंज,बारां
ग्रामीण, बारां
शहर |
6 माह
से 3 वर्ष |
सामान्य |
बैबीमिक्स |
125 ग्राम
प्रतिदिन |
25 दिन (साप्ताहिक) |
|
|
अतिकुपोषित |
बैबीमिक्स |
200 ग्राम
प्रतिदिन |
25 दिन (साप्ताहिक) |
|
|
3 से 6
वर्ष |
सामान्य |
परमल/भूनाचना/गुड |
55
ग्राम
प्रतिदिन |
8 दिन |
|
|
|
|
भुना
चना गुड |
55
ग्राम
प्रतिदिन |
8 दिन |
|
|
|
|
हलवा |
50
ग्राम
प्रतिदिन |
9 दिन |
|
|
|
|
खिचडी/दलिया |
80
ग्राम
प्रतिदिन |
25 दिन |
|
|
|
अतिकुपोषित |
परमल/भूनाचना/गुड |
55
ग्राम
प्रतिदिन |
8 दिन |
|
|
|
|
भुना
चना गुड |
55
ग्राम
प्रतिदिन |
8 दिन |
|
|
|
|
हलवा |
50
ग्राम
प्रतिदिन |
9 दिन |
|
|
|
|
खिचडी/दलिया |
80
ग्राम
प्रतिदिन |
25 दिन |
|
|
|
|
बेबी
मिक्स |
75
ग्राम
प्रतिदिन |
25 दिन |
|
|
गर्भवती/धात्री
महिलाऐं |
गर्भवती/धात्री
महिलाऐं |
बेबी
मिक्स |
155
ग्राम
प्रतिदिन |
25 दिन
(साप्ताहिक) |
|
माह
जून 2011 की पूरक
पोषाहार से
लाभान्वितों
की प्रगति
निम्नानुसार
है :-
|
क्र.सं. |
परियोजना |
लाभान्वित |
|||||
|
पंजिकृत |
6 माह
से 3 वर्ष के
बच्चें |
3 से 6
वर्ष के बच्चे |
गर्भवती
धात्री
महिलाऐं एवं
किशोरी
बालिकाऐं |
प्रगति |
प्रतिशत |
||
|
1 |
अन्ता |
15607 |
4868 |
4403 |
2446 |
11717 |
75.07 |
|
2 |
अटरू |
14636 |
5467 |
5545 |
2696 |
13708 |
93.66 |
|
3 |
बारां
शहर |
11450 |
2833 |
2733 |
1395 |
6951 |
60.71 |
|
4 |
बारां
ग्रामीण |
11341 |
4293 |
4708 |
1765 |
10766 |
94.93 |
|
5 |
छबडा |
15666 |
0 |
3721 |
0 |
3721 |
23.75 |
|
6 |
छीपाबडौद |
18895 |
5584 |
4738 |
2216 |
12538 |
66.36 |
|
7 |
किशनगंज |
27665 |
7108 |
4814 |
3299 |
15221 |
55.02 |
|
8 |
शाहबाद |
20933 |
4774 |
5013 |
2457 |
12230 |
58.42 |
|
|
योग |
136193 |
34927 |
35675 |
16274 |
86852 |
63.77 |
4. स्कूल
पूर्व शिक्षा :-आंगनबाडी
केनद्रो पर 3
से 6 वर्ष के स्कूल
नही जाने वाले
बच्चों को स्कूल
पूर्व शिक्षा
प्रदान की
जाती है। माह
जून, 2011 की प्रगति
रिपोर्ट निम्न
प्रकार है:-
|
क्र.सं. |
परियोजना |
पंजिकृत |
प्रगति |
प्रतिशत |
|
1 |
अन्ता |
6877 |
4403 |
64.03 |
|
2 |
अटरू |
6266 |
5545 |
88.49 |
|
3 |
बारां
शहर |
3912 |
2733 |
69.86 |
|
4 |
बारां
ग्रामीण |
5053 |
4708 |
93.17 |
|
5 |
छबडा |
7287 |
3721 |
51.06 |
|
6 |
छीपाबडौद |
7402 |
4738 |
64.01 |
|
7 |
किशनगंज |
9798 |
4814 |
49.13 |
|
8 |
शाहबाद |
9003 |
5013 |
55.68 |
|
|
योग |
55598 |
35675 |
64.17 |
5. कुपोषित
बच्चों की
पहचान/सेवाएं :-कुपोषित
बच्चों की
पहचान हेतु
प्रत्येक
आंगनबाडी
केन्द्र
क्षेत्र के 0-3
वर्ष के बच्चों
का प्रतिमाह
तथा 3-5 वर्ष के
बच्चों का
त्रैमासिक
रूप से वजन
लेकर कुपोषित
बच्चों की
पहचान कर
आंगनबाडी
केन्द्र पर लाभान्वित
करना विभाग का
मुख्य कार्य
है। इसके
अतिरिक्त MCHN Day से
पूर्व वाले सोमवार/गुरूवार
को वजन दिवस
के रूप में
मनाते हुए
ग्राम के 5 वर्ष
तक के समस्त बच्चों
का वजन लिया
जाता है और
कुपोषित का
चिन्हिकरण
किया जाता है।
चिन्हित
कुपोषित बच्चों
की नाम सहित
सूची तत्काल उपचार
हेतु CMHO,Dy.CMHO, MO & CDPOs को
भिजवाई जाती
है। माह जून, 2011
में वजन लिए
गए बच्चों व
चिन्हित
अतिकुपोषित
बच्चों की
स्थिति निम्न
प्रकार है :-
|
परियोजना
का नाम |
कुल
बच्चों की
संख्या |
कितने
बच्चों का
वजन किया |
पोषण
स्थिति |
कुल
अतिकुपोषित
बच्चें |
कितने
बच्चों को
में भेजा |
कितने
बच्चे से
लौटकर आये |
|||||||
|
0-3
वर्ष |
3-5
वर्ष |
0-3
वर्ष |
3-5
वर्ष |
0-3
वर्ष |
3-5
वर्ष |
||||||||
|
सामान्य |
कुपोषित |
अति
कुपोषित |
सामान्य |
कुपोषित |
अति
कुपोषित |
||||||||
|
अन्ता |
10023 |
6419 |
9012 |
6197 |
7312 |
1619 |
81 |
5178 |
984 |
35 |
116 |
6 |
4 |
|
अटरू |
9025 |
6276 |
7537 |
5629 |
5478 |
1949 |
110 |
4001 |
1596 |
32 |
142 |
0 |
0 |
|
बारां
शहर |
8543 |
5983 |
5671 |
3332 |
4895 |
728 |
48 |
2872 |
446 |
14 |
62 |
4 |
4 |
|
बारां
ग्रा0 |
7205 |
4773 |
6206 |
4298 |
4209 |
1864 |
133 |
2745 |
1471 |
82 |
215 |
6 |
0 |
|
छबडा |
8854 |
6368 |
7012 |
5632 |
5018 |
1889 |
105 |
3978 |
1637 |
17 |
122 |
1 |
6 |
|
छीपाबडौद |
11952 |
7345 |
10024 |
5907 |
5446 |
4420 |
158 |
3057 |
2783 |
67 |
225 |
4 |
0 |
|
किशनगंज |
17617 |
9465 |
9773 |
6979 |
7339 |
2177 |
257 |
5659 |
1248 |
72 |
329 |
11 |
11 |
|
शाहबाद |
7028 |
7255 |
6381 |
4511 |
4619 |
1627 |
135 |
3416 |
1050 |
45 |
180 |
15 |
22 |
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
364 |
1391 |
47 |
47 |
अतिकुपोषित
बच्चों को
प्रतिदिन
दुगना
पोषाहार दिया
जाता है तथा
उसकी केन्द्र
व परिवार स्तर
पर साप्ताहिक
परामर्श एवं
ट्रेकिंग की
जाती है तथा CHC/PHC/, MTC में
उपचार हेतु
रेफर किया
जाता है।
6. टीकाकरण माइक्रोप्लान:-प्रत्यके
आंगनबाडी
केन्द्र पर
प्रतिमाह में
एक निर्धारित दिवस
को स्वास्थ्य
दिवस का आयोजन
किया जाता रहा
है। प्रत्यके
केन्द्र के
स्वास्थ्य
दिवस का माइक्रोप्लान
संबंधित
चिकित्सा
अधिकारी व CDPO
द्वारा तैयार
कर संबंधितो
को उपलब्ध
कराया गया है।
माह जून 2011 की
प्रगति निम्न
प्रकार है:-
|
क्र.सं. |
परियोजना |
आंगनबाडी/मिनी
केन्द्र |
संचालित
केन्द्र |
केन्द्रो
की सं0 जहा स्वास्थ्य
दिवस आयोजित
हुआ |
|
1 |
अन्ता |
217 |
211 |
211 |
|
2 |
अटरू |
203 |
187 |
187 |
|
3 |
बारां
शहर |
109 |
98 |
82 |
|
4 |
बारां
ग्रामीण |
157 |
155 |
143 |
|
5 |
छबडा |
208 |
191 |
190 |
|
6 |
छीपाबडौद |
220 |
216 |
177 |
|
7 |
किशनगंज |
269 |
259 |
242 |
|
8 |
शाहबाद |
189 |
184 |
150 |
|
|
योग |
1572 |
1501 |
1382 |
7. भवन की
स्थिति:- आंगनबाडी
केन्द्रो का
भवन निर्माण जिला
परिषद्
द्वारा
विभिन्न योजनाओं(डांग,माडा,विभागीय)
में कराया
जाता है।
विभागीय
भवनों एवं राजकीय
विद्यालयों
में संचालित
आंगनबाडी केन्द्रो
की स्थिति निम्नानुसार
है:-
|
क्र.सं. |
परियोजना
का नाम |
कुल
आंगनबाडी
केन्द्र |
संचालित
आंगनबाडी
केन्द्र |
विभागीय
भवनों में
संचालित
आंगनबाडी
केन्द्र |
31.3.09
को किराये के
भवनों में
संचालित
आंगनबाडी केन्द्रों
की सं0 |
31.3.09
के बाद केन्द्रो
की विद्यालय
में स्थानांतरण
कर दिया गया
है। उनकी
संख्या |
किराये
के भवनों में
संचालित
आंगनबाडी
केनद्रो की
संख्या |
|
1 |
अन्ता |
217 |
211 |
64 |
151 |
101 |
46 |
|
2 |
अटरू |
203 |
187 |
56 |
134 |
98 |
33 |
|
3 |
बारां
शहर |
109 |
98 |
0 |
93 |
14 |
84 |
|
4 |
बारां
ग्रामीण |
157 |
155 |
36 |
121 |
61 |
58 |
|
5 |
छबडा |
208 |
191 |
65 |
133 |
77 |
49 |
|
6 |
छीपाबडौद |
220 |
216 |
65 |
131 |
78 |
73 |
|
7 |
किशनगंज |
269 |
259 |
114 |
147 |
88 |
57 |
|
8 |
शाहबाद |
189 |
184 |
105 |
79 |
64 |
15 |
|
|
योग |
1572 |
1501 |
505 |
989 |
581 |
415 |
परियोजना
कार्यालय:- जिले
में 8
परियोजना स्वीकृत/संचालित
है 6 परियोजना
विभागीय भवन
में संचालित
है। परियोजना
छीपाबडौद,
बारां शहर
किराये के
ीावन में संचालित
है।
उप
निदेशक
कार्यालय:-कार्यालय
हेतु विभाग
द्वारा 28.50 लाख
की राशि जिला
परिषद् को हस्तांतरित
की गई है किन्तु
जिला परिषद्
के अनुसार नक्शे
के अनुरूप उक्त
निर्माण में 49.50
लाख की लागत
आवेगी अत: शेष
राशि आवंटन
हेतु विभाग को
प्रस्ताव
प्रेषित किया
गया है।
8. स्वीकृत
एवं रिक्त
पदां की
स्थिति:-
|
पद
का नाम |
कुल
स्वीकृत पद |
कार्यरत |
रिक्त |
|
उपनिदेशक (RAS) |
1 |
1 |
0 |
|
बाल
विकास परि0
अधि0 |
8 |
5 |
3 |
|
सहा.बाल
विकास
परि.अधि. |
1 |
0 |
1 |
|
योग |
10 |
6 |
4 |
|
पद
का नाम |
कुल
स्वीकृत पद |
कार्यरत |
रिक्त |
|
लेखाकार |
5 |
1 |
4 |
|
सांख्यिकी
सहायक |
5 |
2 |
3 |
|
कार्यालय
सहा. |
1 |
0 |
1 |
|
वरिष्ठ
लिपिक |
8 |
3 |
5 |
|
कनिष्ठ
लिपिक |
9 |
5 |
4 |
|
महिला
पर्यवेक्षक |
51 |
38 |
13 |
|
वाहन
चालक |
3 |
3 |
0 |
|
चौकीदार |
4 |
0 |
4 |
|
च.श्रै.
कर्मचारी |
9 |
9 |
0 |
|
योग |
95 |
61 |
34 |
(B) महिला
विकास
कार्यक्रम:-
महिलाओं की
सामाजिक, आथिक
और सभी
क्षेत्रों
में उनके हित
और विकास
सुनिश्चित करने
हेतु महिला
विकास
कार्यक्रम की
स्थापना की
गई है, महिला
विकास
कार्यक्रम के
तहत मुख्यत:
निम्न
योजनाएं क्रियान्वित
की जा रही है
:-
(1) स्वयं
सहायता समूह
का गठन:-वर्ष
2011-12 के लिए निदेशालय
महिला
अधिकारिता राजस्थान
जयपुर द्वारा
जिले हेतु 800
समूहों का गठन
लक्ष्य दिया
गया था। जिसके
विरूद्व माह
जून 2011 तक
प्रगति निम्नानुसार
है:-
|
क्र.सं. |
परियोजना |
लक्ष्य |
प्रगति |
|
1 |
अन्ता |
150 |
6 |
|
2 |
अटरू |
100 |
0 |
|
3 |
बारां
शहर |
50 |
16 |
|
4 |
बारां
ग्रामीण |
100 |
0 |
|
5 |
छबडा |
100 |
5 |
|
6 |
छीपाबडौद |
100 |
18 |
|
7 |
किशनगंज |
100 |
26 |
|
8 |
शाहबाद |
100 |
2 |
|
|
योग |
800 |
73 |
(2) स्वयं
सहयता समूहों
को बैंक ऋण:-निदेशालय
महिला
अधिकारिता राजस्थान
जयपुर द्वारा
बारां जिले के
लिए वर्ष 2010-11 हेतु
1100 SHG को
ऋण वितरण का
लक्ष्य दिया
गया था। माह
जून 2011 तक
प्रगति निम्नानुसार
है:-
|
क्र.सं. |
परियोजना |
लक्ष्य |
प्रगति |
|
1 |
अन्ता |
125 |
9 |
|
2 |
अटरू |
100 |
0 |
|
3 |
बारां
शहर |
50 |
2 |
|
4 |
बारां
ग्रामीण |
100 |
0 |
|
5 |
छबडा |
100 |
10 |
|
6 |
छीपाबडौद |
100 |
25 |
|
7 |
किशनगंज |
125 |
13 |
|
8 |
शाहबाद |
100 |
3 |
|
|
योग |
800 |
62 |
(3) सहरिया स्वयं
सहायता समूह :- बजट
घोषणा 2011-12 की
बिन्दु संख्या-88
(5) के अनुसार सहरिया
महिलाओं के स्वयं
सहायता समूह
गठन कर आयजनक
गतिविधि से
जोडने को राज्य
सरकार द्वारा
निर्णय लिया
गया है। जिसके
क्रम में
लक्ष्य एवं
माह जून 2011 तक की
उपलब्धि निम्न
प्रकार है:-
|
क्र.
सं. |
परियोजना
का नाम |
कुल
सहरिया
महिलाओं की
संख्या |
नवीन
SHG
का गठन |
नवीन
एवं पूर्व
में गठित SHG
को बैंको से
क्रेडिट
लिंकेज
करवाना |
SHG
को 50 प्रतिशत
ब्याज
अनुदान
दिलवाना |
नवीन
एवं पूर्व
में गठित SHG
को 2 दिवसीय
प्रबंधकीय
प्रशिक्षण
देना |
SHG
को सीडमनी @ 10000 Per SHG |
विभिन्न
विभागों से
समन्वय कर
आयजनक
गतिविधि का
प्रशिक्षण
दिलवाना |
||||||
|
लक्ष्य |
प्रगति |
लक्ष्य |
प्रगति |
लक्ष्य |
प्रगति |
लक्ष्य |
प्रगति |
लक्ष्य |
प्रगति |
लक्ष्य |
प्रगति |
|||
|
1 |
अन्ता |
459 |
10 |
0 |
10 |
0 |
10 |
0 |
20 |
0 |
10 |
0 |
10 |
0 |
|
2 |
अटरू |
1312 |
50 |
0 |
50 |
0 |
50 |
0 |
80 |
0 |
10 |
0 |
10 |
0 |
|
3 |
बारां
ग्रा0 |
1376 |
50 |
4 |
50 |
1 |
50 |
0 |
80 |
0 |
10 |
0 |
10 |
0 |
|
4 |
छबडा |
603 |
10 |
0 |
10 |
0 |
10 |
0 |
10 |
0 |
10 |
0 |
10 |
0 |
|
5 |
छीपाबडौद |
252 |
10 |
0 |
10 |
0 |
10 |
0 |
10 |
0 |
10 |
0 |
10 |
0 |
|
6 |
किशनगंज |
19162 |
335 |
157 |
435 |
13 |
535 |
0 |
700 |
0 |
175 |
0 |
175 |
0 |
|
7 |
शाहबाद |
16935 |
335 |
55 |
435 |
0 |
535 |
0 |
700 |
0 |
175 |
0 |
175 |
0 |
|
|
योग |
40099 |
800 |
216 |
1000 |
14 |
1200 |
0 |
1600 |
0 |
400 |
0 |
400 |
0 |
(4) सामूहिक
विवाह अनुदान :-योजनान्तर्गत
प्रति जोडा 6000/-
तथा अधिकतम 166
जोडो पर पंजीकृत
संस्थाओं को
सामुहिक विवाह
सम्मेलन का
आयोजन करने पर
अनुदान राशि
दी जाती है। संस्था
को सामुहिक
विवाह सम्मेलन
आयोजन से 10
दिवस पूर्व
निर्धारित
प्रपत्र में
जिला कलक्टर
महोदय को आवेदन
प्रस्तुत
करना होता
है।आयोजक
संस्था को
अधिकतम दस लाख
रू. तक देय है।
वर्ष 2010-11 में
जिले की 11 संस्थाओं
के 487 जोडो के
लिए 29.22 लाख
रूपये अनुदान
स्वीकृत
किया गया
(5) जननी कलेवा योजना :- संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहन करने के लिए राज्य सरकार द्वारा जननी कलेवा योजना संचालित है। प्रत्यके महिला अस्पताल में प्रसव उपरोत जाता है।चिकित्सालय में 2 दिवस तक भर्ती रहने की अवधि में प्रतिदिन चार समय में नि:शुल्क दुध, बिस्कुट, दलिया, लापसी, दुध दिया जाता है। सरकार द्वारा प्रति महिला 40-65 प्रतिदिन राशि व्यय करने का प्रावधान है। उक्त भोजन की व्यवस्था CHC मुख्यालय के स्थानीय SHG द्वारा की जाती है। वर्ष 2011-12 में जुलाई 11 तक 7200 प्रसूती लाभार्थियों को इस योजना से लाभान्वित किया जा चुका है। जिले के 9 स्वास्थ्य सामुदायिक केन्द्रो पर यह योजना चल रही है।
(6)
प्रियदर्शनी
आदर्श SHG योजना:-योजना
के अन्तर्गत
चिन्हित एक ब्लॉक
(कलस्टर) के 10
स्वयं
सहायता
समूहों को
आदर्श समूहो
के रूप में विकसित
करने का कार्य
राज्य स्तर
से चयनित NGO द्वारा
प्रतिवर्ष
किया जाता है।
इस हेतु संस्था
द्वारा चिन्हित
समूहो को
योजना आमुखीकरण
प्रबन्धकीय
क्षमता
प्रशिक्षण,
उद्यमिता
प्रशिक्षण,
आयजनक
गतिविधि
प्रशिक्षण
एवं मार्केट
लिंकेज कराने
का कार्य किया
जाता है। वर्ष
2011-12 में बारां
ग्रामीण के 10
समूहों तथा
वर्ष 2011-12 में
किशनगंज के 10
समूहों के सुदृढीकरण
का कार्य औंस
संस्था
द्वारा किया
जा रहा है।
(7) SHG को राशन
की दुकान
आवंटन:-10 SHG को राशन
की दुकान
आवंटन के
लक्ष्य है। 18
प्रस्ताव
रसद विभाग को
दिनांक 31.01.11 को
प्रेषित किये
गए परन्तु अभी
तक रसद विभाग
द्वारा एक भी SHG को
राशन की दुकान
आवंटन नही की
गई।
(8) स्वावलम्बन
योजना:-महिला
अधिकारिता
विभाग द्वारा
जिले की महिलाओं
को स्वरोजगार
से जोडने के
लिए स्वावलम्बन
योजना चलाई जा
रही है। इसमें
चयनित स्वयं
सेवी संस्था
द्वारा एक बार
में 30 महिलाओं
को आयजनक
गतिविधि सम्बंधी
व्यवसायिक
प्रशिक्षण
दिया जाता है।
वर्ष 2011-12 में 4 संस्थाओं
के प्रस्ताव
प्राप्त हुए
है। प्रस्तावों
की जांच की जा
रही है। जांच
उपरोंत
अनुमति जारी
करने हेतु
प्रस्ताव
निदेशालय
महिला अधिकारिता
विभाग राजस्थान-जयपुर
को भेजे
जावेंगे।
(9) मुख्यमंत्री
के 7 सूत्रीय
कार्यक्रम
अन्तर्गत
महिलाओं को स्वरोजगार
उपलब्ध
कराना:-योजना
के तहत विभिन्न
विभागों (रूडसेट,कृषि
विज्ञान
केनद्र,उद्योग
विभाग, खादी)
से समन्व कर
महिलाओं को स्वरोजगार
से जोडने हेतु
आयजनक गतिविधी
का नि:शुल्क
प्रशिक्षण
करवाया जाता
है। वर्ष 2011-12
में 1000 महिलाओं
को स्वरोजगार
से जोडने के
लक्ष्यों के
विरूद्व जुलाई
2011 तक 31 महिलाओं
को स्वरोजगार
से जोडा जा
चुका है।
(10) घरेलू
हिंसा पीडित
महिलाओं को
सहायता:-घरेलू
हिंसा पीडित
महिलाओं को
सहायता उपलब्ध
कराने बाबत् घरेलू
हिंसा से
महिलाओं का
संरक्षण अधिनियम
2005 सरकार
द्वारा बनाया
गया है।
उक्त
अधिनियम के
निम्नलिखित
प्रावधान है:-
1. संरक्षण
अधिकारी:-उक्त
अधिनियिम के
तहत राज्य
सरकार द्वारा उपनिदेशक
महिला एवं
बाल
विकास
विभाग की जिले
का नोडल ऑफीसर
तथा बाल विकास
परियोजना
अधिकारी/प्रचेता
को उनके क्षेत्राधिकार
के लिए
संरक्षण
अधिकारी नियुक्त
है।
2. आश्रय
गृह:-विभाग
द्वारा नवोदय
लोक कल्याण
समिति कोटा को
बारां जिले के
आश्रय गृह के
रूप में
अधिसूचित है।
3. उपखण्ड
स्तर पर:- पीडित
महिला के परिवाद
पर तुरंत
कार्यवाही
करने तथा सामाजिक
राहत प्रदान
करने हेतु उपजिला
कलक्टर की
अध्यक्षता
में उपखण्ड
स्तरीय
महिला सहायता
समितियां
गठित हे।
4. सेवा
प्रदाता:-सेवा
प्रदाता हेतु
पंजीयन स्वयं
सेवी संस्थाओं
से आवेदन पत्र
प्राप्त कर विभाग
को प्रस्ताव
भेजे गए परन्तु
अभी अनुमति
प्राप्त नही
हुई है।
5. चिकित्सा
सुविधा:-राज्य
सरकार द्वारा
अधिनियम की
धारा 7 के
अनुसरण में
जिले के समस्त
राजकीय चिकित्सालयों
CHC, PHC को
नि:शुल्क
चिकित्सा
सहायता उपलब्ध
कराने हेतु अधिसुचित
है।
6. पुलिस
विभाग का
सहयोग:-अधिनियम
के उपबन्धों
में यह भी व्यवस्था
की गई है कि आवश्यकता
पडने पर पूलिस
संरक्षण अधिकारी
को उपयुक्त मदद
करेंगी।
7. महिला
सुरक्षा एवं
सलाह केन्द्र:-राज्य
सरकार द्वारा
2010-11 से समस्त जिलों
के महिला थाने
पर महिला
सुरक्षा एवं
सलाह केन्द्र
स्थापित किए
गए है। बारां
जिले में भारत
ज्ञान-विज्ञान
समिति जयपुर राजस्थान
को उक्त केन्द्र
संचालन का
दायित्व
सौपा गया है।
मार्च 2011 से
संस्था
द्वारा केन्द्र
संचालन
प्रारम्भ कर
दिया है।
8. कानूनी
सहायता:- घरेलू
हिंसा
अधिनियम
अंतर्गत अब तक
2 महिलाओं को कानूनी
सहायता
प्रदान की गई
है।
9. आर्थिक
सहायता:-वर्ष
2010-11 में 5 उत्पीडित
महिलाओं को 10,000
रूपयें तथा वर्ष
2011-12 में एक उत्पीडित
महिला को 2000 की
आर्थिक
सहायता जारी
की गई है।
(11) साथिन
चयन:-जिले में
अभिकरण के तहत
प्रत्येक
ग्राम पंचायत
स्तर पर 1-1
साथिन कुल 215
साथिन स्वीकृत
है तथा 1000/- FIX मानदेय
देय होता है।
साथिन की
स्थिति निम्नानुसार
है:-
|
क्र.सं. |
परियोजना |
साथिन |
|
|
|
स्वीकृत |
कार्यरत |
रिक्त |
||
|
1 |
छबडा |
27 |
23 |
4 |
|
2 |
शाहबाद |
27 |
20 |
7 |
|
3 |
किशनगंज |
32 |
24 |
8 |
|
4 |
बारां |
26 |
23 |
3 |
|
5 |
अन्ता |
38 |
36 |
2 |
|
6 |
अटरू |
34 |
32 |
2 |
|
7 |
छीपाबडौद |
30 |
27 |
3 |
|
|
योग |
214 |
185 |
29 |
विभाग
द्वारा साथिन
हेतु 25 से 45 वर्ष
की आयु सीमा निर्धारित
है, किन्तु 12
ग्रामों में 10
वीं उत्तीर्ण
25 वर्ष आयु की
ग्रामों में
महिलाएं
उपलब्ध नही
है। अत: 18
ग्रामों में
चयनित
साथिनों के आयु
में शिथिलता
के प्रस्ताव
निदेशालय
जयपुर को
प्रेषित किये
गए है।
(12) स्वीकृत
एवं रिक्त
पदों की
स्थिति:-
(B) महिला
विकास
कार्यक्रम :
|
क्र.सं. |
पद
का नाम |
स्वीकृत |
कार्यरत |
रिक्त |
|
1 |
कार्यक्रम
अधिकारी |
1 |
0 |
1 |
|
2 |
प्रचेता |
7 |
5 |
2 |
|
3 |
लेखाकार |
1 |
0 |
1 |
|
4 |
वरिष्ठ
लिपिक |
1 |
0 |
1 |
|
5 |
कनिष्ठ
लिपिक |
1 |
1 |
0 |
|
|
योग |
11 |
6 |
5 |