जनजाति
विकास
विभाग(टीएडी)
द्वारा
संचालित योजनाऐं
शिक्षा की
योजनाऐं
1. मॉ बाडी
संचालन(ज.क.नि.
एवं सी.सी.डी.)
योजना की
रूपरेखा एवं
उद्देश्य
जिला
बारां के
सहरिया
बाहुल्य
क्षेत्र शाहबाद
एवं किशनगंज
तहसील क्षेत्र
में 30 मॉ बाडी
केन्द्रों
का वर्ष 98-99 से संचालन
किया जा रहा
है। वर्ष 2004-05
में 100 एवं वर्ष
2008-09 में 50 नये
बाडी केन्द्र
ज.क.नि. एवं 27 नये
मॉ-बाडी केन्द्र
सी.सी.डी. योजना
अन्तर्गत
खोले गये। इस
प्रकार
वर्तमान में
कुल 207 मॉ बाडी
केन्द्रो का
संचालन किया
जा रहा है।इन
केन्द्रो का
मुख्य उद्देश्य
सहरिया
क्षेत्र में 6
से 12 वर्ष की
उम्र के
शिक्षा वंचित
बालक-बालिकाओं
को प्राथमिक
शिक्षा देना
तथा औपचारिक
शिक्षा प्राप्त
करने के लिए
अनौपचारिक
शिक्षा से
जोडना है तथा
इन समुदाय की
महिलाओं में
शिक्षा स्वास्थ्य
एवं स्वच्छता
सम्बंधित
जागरूकता
पैदा करना है।
इन मॉ-बाडी
केन्द्रों
में शिक्षा
सहयोगी का
कार्य करने
वाले युवक एवं
युवती सहरिया
समुदाय के ही
होते है। इस
योजना का
क्रियान्वयन
स्वच्छ
परियोजना के
माध्यम से किया
जा रहा है।
देय लाभ
प्रत्येक
मॉ-बाडी केन्द्र
में 30 सहरिया
छात्र-छात्राओं
को प्रवेश
देकर प्रथमिक
शिक्षा उपलब्ध
करवाने के
अतिरिक्त केन्द्र
पर नामांकित
बच्चों को दोपहर
का भोजन, एक
समय का अल्पहार,
स्कूल पौशाक
आदि उपलब्ध
करवाई जाती
है।
प्रगति
(ज.क.नि.)
वर्ष 2010-11
में इस योजना
अन्तर्गत 180
मॉ-बाडी केन्द्रों
के संचालन
हेतु रूपयें 270.00
लाख का प्रावधान
किया गया है। प्रावधान
के विपरीत माह
मार्च 2011 तक 180
मॉ-बाडी केन्द्रो
का संचालन कर
रूपयें 316.14 लाख व्यय
किए जा चुके
है।
2. मुफ्त पौशाक
वितरण (कक्षा 1
से 5) (ज.क.नि.)
उद्देश्य
सहरिया आदिम
जनजाति के
लोगों की
आर्थिक
स्थिति कमजोर
होने से अपने
बच्चों की विद्यालय
पौशाक का
खर्चा वहन
करने में
असमर्थ होने
से यह योजना
वर्ष 2004-05 में
प्रारम्भ की
गई है। इस
योजना के अन्तर्गत
तहसील
किशनगंज एवं
शाहबाद के
राजकीय
विद्यालयों
में कक्षा 1 से 5
तक के नियमित अध्ययनरत
सहरिया
छात्र-छात्राओं
को विद्यालय
पौशाक उपलब्ध
कराई जाती है।
जिससे सहरिया
आदिम जनजाति के
छात्र-छात्राऐं
विद्यालय में
विद्यालय-पौशाक
पहन कर जा
सके। इस योजना
का क्रियान्वयन
ब्लॉक प्रारम्भिक
शिक्षा
अधिकारी
शाहबाद/किशनगंज
के माध्यम से
किया जाता है।
देय लाभ
तहसील
किशनगंज एवं
शाहबाद के राजकीय
विद्यालयों
में कक्षा 1 से 5 के
नियमित अध्ययनरत
सहरिया
छात्र-छात्राओं
को सिली हुई
पौशाक उपलब्ध
कराई जाती है।
प्रगति
वर्ष 2010-11
में इस योजना
अन्तर्गत 14000
सहरिया
छात्र-छात्राओं
को पौशाक
वितरित हेतु रूपये
21.00 लाख का
प्रावधान
किया गया है।
प्रावधान के
विपरीत माह
मार्च 2011 तक 10291
छात्र-छात्राओं
को पौशाक
वितरित कर
रूपयें 23.60 लाख
व्यय किए जा
चुके है।
2.
मुफ्त स्टेशनरी
वितरण (कक्षा 1
से 5) (ज.क.नि.)
उद्देश्य
सहरिया जनजाति
परिवार
आर्थिक दृष्टि
अत्यन्त
पिछडे होने से
अपने बच्चों
के लिए महंगी स्टेशनरी
उपलब्ध
कराने में
अभिभावकों को कठिनाई
उत्पन्न
होती है। अत:
सहरिया
छात्रों को स्टेशनरी
उपलब्ध
कराने के
उद्देश्य से यह
योजना वर्ष 2004-05
से प्रारम्भ
की गई है। इस
योजना के अन्तर्गत
तहसील किशनगंज
एवं शाहबाद के
राजकीय
विद्यालयों
में कक्षा 1 से 5
के नियमित अध्ययनरत
सहरिया छात्र-छात्राओं
को स्टेशनरी क्रय
करने हेतु
शिक्षा सत्र
के प्रारम्भ
में नकद राशि
वितरित की
जाती है। जिससे
वह स्टेशनरी
क्रय कर सके। इस
योजना का
क्रियान्वयन
ब्लॉक
प्रारम्भिक
शिक्षा अधिकारी
शाहबाद/किशनगंज
के माध्यम से
किया जाता है।
देय
लाभ
तहसील शाहबाद/किशनगंज
के राजकीय
विद्यालयों
में कक्षा 1 से 5
के नियमित अध्ययनरत
सहरिया छात्र-छात्राओं
को मुफ्त स्टेशनरी
उपलब्ध करवाने
हेतु राशि
उपलब्ध कराई
जाती है वर्ष
2010-11 से कक्षा 1 से 3
को 150/- कक्षा 4 को 250/-
एवं कक्षा 5 को 350/-
वार्षिक
उपलब्ध कराई
जाती है।
प्रगति
वर्ष 2010-11
में इस योजना
अन्तर्गत 14000
सहरिया
छात्र-छात्राओं
को स्टेशनरी
की राशि वितरित
करने हेतु
रूपयें 29.50 लाख
का प्रावधान किया
गया है। प्रावधान
के विपरीत माह
मार्च 2011 तक 10504 छात्र-छात्राओं
को मुफ्त स्टेशनरी
की राशि वितरित
कर रूपयें 22.92
लाख व्यय किए
जा चुके है।
4.
मुफ्त स्टेशनरी,
पौशाक एवं
विद्यालय फीस
वितरण(कक्षा 6-12
तक)(ज.क.नि.)
उद्देश्य
सहरिया सहरिया
परिवार
आर्थिक
स्थिति से
कमजोर होते है।
इस कारण से
सहरिया
छात्र-छात्राओं
को विभाग
द्वारा
आर्थिक सहायता
कर उन्हे आगे
बढने हेतु
प्रेरित करने
के साथ ही
सहरियाओं को
शिक्षा के
क्षेत्र में जागरूक
करने के
उद्देश्य से यह
योजना वर्ष 2004-05
से प्रारम्भ
की गई है। इस
योजना का
क्रियान्वयन
जिला शिक्षा
अधिकारी बारॉ
एवं ब्लॉक
प्रारम्भिक
शिक्षा
अधिकारी शाहबाद/किशनगंज
के माध्यम से
किया जाता है।
देय लाभ
तहसील
शाहबाद एवं
किशनगंज के राजकीय
विद्यालयों
में कक्षा 6 से 12
के नियमित अध्ययनरत
सहरिया
छात्र-छात्राओं
को मुफ्त स्टेशनरी,
पौशाक एवं
विद्यालय फीस
की राशि पुर्नभरण
के रूप में शिक्षा
सत्र के
प्रारम्भ
में उपलब्ध कराई
जाती है। वर्ष
2010-11 से इस योजना
हेतु राशि रूपयें
1500/- वार्षिक
उपलब्ध
करवाई जानी
है, जिसमें 800
रूपयें पौशाक
हेतु 500 रू. लेखन
सामग्री तथा 200
रू. विद्यालय
फीस हेतु होते
है।
प्रगति
वर्ष 2010-11
में इस योजना
अन्तर्गत 2300 सहरिया
छात्र-छात्राओं
को स्टशनरी
वितरित हेतु
रू. 34.50 लाख का
प्रावधान
किया गया था। संशोधित
प्रावधान रू. 38.85
के विपरीत माह
मार्च 2011 तक 2276
छात्र-छात्राओं
को मुफ्त स्टेशनरी,
पौशाक एवं
विद्यालय फीस
की राशि
वितरित कर रू. 38.49
लाख व्यय किए
जा चुके है।
5.
प्रतिभावान
छात्रों को
छात्रवृति(ज.क.नि.)
उद्देश्य
शिक्षा
का स्तर
बढाने हेतु तथा
शिक्षा में
सहरिया जनजाति
की भागीदारी सुनिश्चित
करने के
उद्देश्य से यह
योजना वर्ष 2004-05
से प्रारम्भ
की गई है।
शिक्षा के स्तर
को बढाने हेतु
तथा शिक्षा
में सहरिया
जनजाति की
भागीदारी सुनिश्चित
करने के
उद्देश्य से इस
योजना का
संचालन किया
जाता है। ताकि
गरीब सहरिया
परिवार
आर्थिक
स्थिति कमजोर
होने से अपने
बच्चों को
शिक्षा से
वंचित नही
करें।
देय
लाभ
इस
योजना अन्तर्गत
पंचायत समिति
शाहबाद एवं
किशनगंज के
निवासी सहरिया
आदिम जनजाति
के बालक/बालिकाओं
को बोर्ड में
प्रथम श्रेणी
उत्तीर्ण
होने पर तथा
अगली कक्षा
में अध्ययन
करने पर 6000 रू.
छात्रवृति
प्रदान की
जाती है। इस
योजना के
प्रस्ताव
जिला शिक्षा
अधिकारी माध्यमिक,
बारॉ से मंगवाये
जाते है।
तदोपरान्त
परियोजना
कार्यालय में
स्वीकृति जारी
कर राशि जिला
शिक्षा
अधिकारी को
वितरण हेतु
भिजवा दी जाती
है।
प्रगति
वर्ष 2010-11
में इस योजना
के अन्तर्गत 4
सहरिया
छात्र/छात्राओं
को लाभान्वित
करने हेतु रू. 0.24
लाख का
प्रावधान किया
गया है।
प्रावधान के
विपरीत माह
मार्च 2011 तक 8
छात्र-छात्राओं
को इस योजनान्तर्गत
लाभान्वित कर रू.
0.44 लाख व्यय
किये जा चुके
है।
6.
कॉलेज के
छात्रों को
आर्थिक
सहायता(ज.क.नि.)
उद्देश्य
सहरिया
जनजाति के व्यक्ति
उच्च
कक्षाओं में
अपने बच्चों
को अध्ययन
कराने में
इसलिए पीछे
हटते है क्योकि
उच्च
कक्षाओं की
फीस व स्टेशनरी
अधिक एवं
महंगी होती है
तथा अपने गांव
से बाहर भेजने
पर शहरी मकान
किराया वहन
नहीं कर पाते
है। शिक्षा का
स्तर बढाने
हेतु तथा उच्च
शिक्षा में
सहरिया
जनजाति की
भागीदारी सुनिश्चित
करने के उद्देश्य
से विभाग
द्वारा
महाविद्यालय
में नियमित
अध्ययन करने
वाले सहरिया छात्र-छात्राओं
को आर्थिक
सहायता
प्रदान करने
हेतु इस योजना
का संचालन वर्ष
2004-05 से किया जा
रहा है। इस
योजना का
क्रियान्वयन
संबंधित महाविद्यालय
के प्राचार्य
के माध्यम से
किया जाता है।
देय
लाभ
तहसील
शाहबाद एवं
किशनगंज के
निवासी सहरिया
आदिम जनजाति
के
छात्र/छात्राओं
जो महाविद्यालय
में नियमित
अध्ययनरत
है। ऐसे सभी
सहरिया आदिम
जनजाति के छात्र/छात्राओं
को शिक्षा
सत्र के
प्रारम्भ
में ही एक
मुश्त राशि
उपलब्ध
करवाई जाती
है। वर्ष 2010-11 से
प्रति
छात्र/छात्रा
को 20,000/- वार्षिक उपलब्ध
करवाई जानी
है।
प्रगति
वर्ष 2010-11
में इस योजना
के अन्तर्गत 25
सहरिया
छात्र/छात्राओं
को लाभान्वित
करने हेतु रू. 5.00
लाख का
प्रावधान किया
गया है। संशोधित
प्रावधान
रूपयें 16.40 के
विपरीत माह मार्च
2011 तक 82
छात्र-छात्राओं
को इस योजनान्तर्गत
लाभान्वित
किया जाकर
रूपये 16.40 लाख व्यय
किये जा चुके
है।
6.
आश्रम
छात्रावास
संचालन(ज.क.नि.)
उद्देश्य
सहरिया
आदिम जनजाति
के ऐसे
छात्र-छात्राओं
को छात्रावास
की सुविधा
प्रदान करना
है। जो अपने
निवास स्थान
से दूर
विद्यालय में
अध्ययनरत
है। ऐसे
सहरिया आदिम
जनजाति के
छात्र-छात्राओं
को विद्यालय
के पास ही
रहने की सुविधा
उपलब्ध
करवाई जा सके।
जिससे वह
निरन्तर अध्ययन
जारी रख सकें।
सहरिया आदिम
जनजाति के लिए
वर्तमान में 22
आश्रम
छात्रावासों
का संचालन किया
जा रहा है।
जिसमें से 17
छात्रावास
बालकों के एवं
5 छात्रावास
बालिकाओं के
है।
छात्रावासों
का संचालन वर्ष
1982-83 से प्रारम्भ
किया गया था।
समय-समय पर
आवश्यकतानुसार
छात्रावासों
की संख्या
में वृद्धि की
जाती रही है। आश्रम
छात्रावासों
का विवरण निम्नानुसार
है :-
|
वर्ष
2010-11 में
संचालित
सहरिया
आश्रम
छात्रावासों
का विवरण |
|||
|
क्र.सं. |
नाम
आश्रम
छात्रावास |
पंचायत
समिति |
क्षमता |
|
1 |
सहरिया
आश्रम
छात्रावास,
आगर |
शाहबाद |
25 |
|
2 |
सहरिया
आश्रम
छात्रावास,
कस्बाथाना |
शाहबाद |
25 |
|
3 |
सहरिया
आश्रम
छात्रावास,
चौराखाडी |
शाहबाद |
25 |
|
4 |
सहरिया
आश्रम
छात्रावास,
बमनगवां |
शाहबाद |
50 |
|
5 |
सहरिया
आश्रम
छात्रावास,
देवरी |
शाहबाद |
65 |
|
6 |
सहरिया
आश्रम
छात्रावास,
खाण्डा सहरोल |
शाहबाद |
25 |
|
7 |
सहरिया
आश्रम
छात्रावास, राजपुर |
शाहबाद |
25 |
|
8 |
सहरिया
आश्रम
छात्रावास,
समरानियां |
शाहबाद |
65 |
|
9 |
सहरिया
आश्रम
छात्रावास,
भंवरगढ. |
किशनगंज |
65 |
|
10 |
सहरिया
आश्रम
छात्रावास,
गरडा |
किशनगंज |
65 |
|
11 |
सहरिया
आश्रम
छात्रावास, रेलावन |
किशनगंज |
65 |
|
12 |
सहरिया
आश्रम
छात्रावास,
खण्डेला |
किशनगंज |
25 |
|
13 |
सहरिया
आश्रम
छात्रावास, बिलासगढ |
किशनगंज |
65 |
|
14 |
सहरिया
आश्रम
छात्रावास,
बजरंगगढ |
किशनगंज |
65 |
|
15 |
सहरिया
आश्रम
छात्रावास,
बारॉ |
बारॉ |
65 |
|
16 |
सहरिया
आश्रम
छात्रावास,
किशनगंज |
किशनगंज |
50 |
|
17 |
सहरिया
आश्रम
छात्रावास,
शाहबाद |
शाहबाद |
50 |
|
18 |
सहरिया कन्या
आश्रम
छात्रावास, शाहबाद |
शाहबाद |
65 |
|
19 |
सहरिया कन्या
आश्रम
छात्रावास,
केलवाडा |
शाहबाद |
65 |
|
20 |
सहरिया कन्या
आश्रम
छात्रावास,
घट्टी |
किशनगंज |
65 |
|
21 |
सहरिया कन्या
आश्रम
छात्रावास,
बारॉ |
बारॉ |
65 |
|
22 |
सहरिया कन्या
आश्रम
छात्रावास,
समरानिया |
शाहबाद |
50 |
|
|
योग |
1130 |
|
देय
लाभ
तहसील
किशनगंज एवं
शाहबाद के
सहरिया आदिम
जनजाति के
छात्र/छात्राओं
जो आश्रम छात्रावासों
में रहकर अध्ययन
करते है। ऐसे
सभी सहरिया
आदिम जनजाति के
छात्र-छात्राओं
को आवास एवं
भोजन की सुविधा
उपलब्ध
करवाने के
साथ-साथ ड्रेस
कोचिंग अन्य
सुविधाएं
निशुल्क
उपलब्ध
करवाई जाती
है।
प्रगति
वर्ष 2010-11
में इस योजना
के अन्तर्गत 24
छात्रावासों
में 1280 सहरिया
छात्र/छात्राओं
को लाभान्वित
करने हेतु
रूपयें 216.57 लाख का
प्रावधान
किया गया था।
संशोधित
प्रावधान
रूपयें 168.70 लाख
के विपरीत माह
मार्च 2011 तक 22
छात्रावासों
में 1076 सहरिया
छात्र/छात्राओं
को लाभान्वित
कर रूपये 135.85 लाख
व्यय किए जा
चुके है।
8. स्कूल
शिक्षा हेतु
जनजाति
छात्राओं को
आर्थिक सहायता(ज.क.नि.)
उद्देश्य
इस
योजना के अन्तर्गत
महिलाओं को
उच्च माध्यमिक
शिक्षा हेतु
प्रोत्साहित
के लिए सहरिया
आदिम जनजाति
की छात्राओं
को आर्थिक सहायता
प्रदान करना
है। जिससे
सहरिया आदिम
जनजाति की
छात्राऐं जो
उच्च माध्यमिक
कक्षाओं (11 वी.
एवं 12 वी.) में
नियमित रूप से
राजकीय
विद्यालयों
में अध्ययनरत
है तथा जिन्हे
छात्रावास
में निवास करने
हेतु स्थान
उपलब्ध नही
हो पाता हो
आर्थिक
सहायता पाकर नियमित
अध्ययन जारी
रख सकें।
पात्र जनजाति
छात्राओं द्वारा
निर्धारित
प्रारूप में
गत वर्ष उत्तीर्ण
परीक्षा की
अंकतालिका,
जाति एवं मूल
निवास प्रमाण
पत्र की प्रति
के संस्था
प्रधान को प्रस्तुत
की जायेगी।
संस्था
प्रधान
द्वारा उनके
यहॉ अध्ययनरत
समस्त पात्र जनजाति
छात्राओं की
सूची
प्रमाणित कर
अतिरिक्त
कलक्टर एवं
परियोजना
अधिकारी
सहरिया विकास
शाहबाद को
भुगतान हेतु
प्रस्ताव भिजवाने
पर सहायता
प्रदान की
जाती है। यह
योजना वर्ष 2010-11
से प्रारम्भ
की गई है।
देय
लाभ
तहसील
शाहबाद एवं
किशनगंज के
सहरिया आदिम
जनजाति की गैर
छात्रावासी
सहरिया
छात्राऐं जो उच्च
माध्यमिक
कक्षाओं (11 वी.
एवं 12 वी.) में
नियमित रूप से
राजकीय
विद्यालयों
में अध्ययनरत
है को शिक्षा
सत्र में 10 माह
के लिए 350/-
प्रतिमाह की
दर से आर्थिक
सहायता
प्रदान की
जावेगी।
प्रगति
वर्ष 2010-11 में
इस योजना के
अन्तर्गत
रूपयें 3.50 लाख
का प्रावधान
के विपरीत माह
मार्च 2011 तक 8
छात्राओं को
लाभान्वित कर
रूपयें 0.20 लाख
व्यय किए जा
चुके है।
9.
सहरिया
छात्रों को
उपस्थिति
प्रोत्साहन
(ज.क.नि.)
उद्देश्य
सहरिया
आदिम जनजाति
के
छात्र-छात्राऐं
जो कि राजकीय विद्यालय
में अध्ययनरत
है। इन
छात्र/छात्राओं
की विद्यालय
में नियमित
उपस्थिति
प्रोत्साहन
के लिए
प्रतिमाह 90
प्रतिशत या
उससे अधिक
उपस्थिति
होने पर
आर्थिक सहायता
प्रदान की
जाती है जिससे
छात्र/छात्राऐं
विद्यालय में
नियमित रूप से
उपस्थित हो
सके। यह योजना
सहरिया
छात्र-छात्राओं
की उपस्थिति
को प्रोत्साहित
करने के
उद्देश्य से
संचालित की जा
रही है। यह
योजना वर्ष 2007-08
से संचालित की
जा रही है।
देय
लाभ
तहसील
शाहबाद एवं
किशनगंज के
सहरिया आदिम
जनजाति के
छात्र/छात्राऐं
जो विद्यालय
में अध्ययन
करते है। ऐसे
सभी सहरिया
आदिम जनजाति
के छात्र-छात्राओं
जिनकी
विद्यालय में
उपस्थिति 90
प्रतिशत या
उससे अधिक है
को उपस्थिति
प्रोत्साहन
राशि उपलब्ध
करवाई जाती
है। योजनान्तर्गत
कक्षा 6 व 7 को 70/-
कक्षा 8 को 80/-
कक्षा 9 व 10 को 90/-
कक्षा 11 व 12 को 100/-
की मासिक आर्थिक
सहायता
प्रदान की
जाती है।
प्रगति
वर्ष 2010-11
में इस योजना
के अन्तर्गत
रूपयें 0.00 लाख
का प्रावधान
किया गया है। प्रावधान
के विपरीत माह
मार्च 2011 तक 435
छात्र/छात्राओं
को लाभान्वित
कर रूपयें 2.83 लाख
व्यय किए जा
चुके है।
10. कक्षा
8 के छात्रों
को नि-शुल्क
कोचिंग(ज.क.नि)
उद्देश्य
सहरिया
क्षेत्र में
संचालित सहरिया
आश्रम
छात्रावासों में
अध्ययनरत कक्षा
के
छात्र-छात्राओं
को आठवी बोर्ड
की परीक्षा
हेतु नि-शुल्क
कोचिंग
करवाया जाना
प्रस्तावित
है। जिससे
जनजाति के
छात्र-छात्राओं
की कठिन विषय
गणित एवं
अंग्रेजी की
कमजोरी दूर हो
सकें एवं आठवी
बोर्ड की परीक्षा
में अच्छे
अंक प्राप्त
कर सकें। यह
योजना वर्ष 2009-10
से संचालित की
जा रही है।
देय
लाभ
कक्षा 8
के
छात्र-छात्राओं
को छात्रावास
में ही गणित व
अंग्रेजी
विषय की
कोचिंग कराये
जाने का
प्रावधान है।
जिससे जनजाति
के छात्र-छात्राओं
की कठिन विषय
गणित एवं
अंग्रेजी की
कमजोरी दूर हो
सके एवं आठवी
बोर्ड की
परीक्षा में
अच्छे अंक
प्राप्त कर
सकें।
प्रतिमाह 2500/-
रूपयें
प्रतिमाह छ-
माह तक
कसेचिंग कराई
जाती है। यह
योजना वर्ष 2010-11
से प्रारम्भ
की गई है।
प्रगति
वर्ष 2010-11
में इस योजना
के अन्तर्गत
रूपयें 7.20 लाख
का प्रावधान किया
गया है।
प्रावधान के
विपरीत माह
मार्च 2011 तक
रूपयें 2.42 लाख
व्यय किए जा सके।
11.
सहरिया
छात्राओ को
नि-शुल्क
साईकल(ज.क.नि)
उद्देश्य
सहरिया क्षेत्र
शिक्षा की दृष्टि
से पिछडा
क्षेत्र है।
अधिकांश
ग्रामों में
कक्षा 8 तक के
विद्यालय
होने से उच्च
अध्ययन हेतु
दूर-दराज
ग्रामों में पैदल
अथवा बस से
जाना-आना पडता
है जिससे समय
के साथ-साथ आर्थिक
व्यय भार भी
वहन करना पडता
है। अत: 5
किलोमीटर दूर
से पढने आने
वाले छात्र-छात्राओं
को यह लाभ देय
होता है। यह
योजना वर्ष 2005-06
से प्रारम्भ
की गई है।
देय
लाभ
तहसील
शाहबाद एवं
किशनगंज के
सहरिया आदिम
जनजाति की गैर
छात्रावासी
छात्राऐं जो
नियमित अध्ययनरत
करने वाली को
वर्ष 2004-05 से
नि-शुल्क
साईकल उपलब्ध
कराने की
योजना
प्रारम्भ की
गई है। इस
योजना के अन्तर्गत
शिक्षा विभाग
को देय राशि
का भुगतान इस
कार्यालय
द्वारा किया जाता
है।
प्रगति
वर्ष 2010-11
में इस योजना
के अन्तर्गत रूपयें
0.00 लाख का
प्रावधान
किया गया है।
प्रावधान के
विपरीत माह
मार्च 2011 तक 8
छात्राओं को लाभान्वित
कर रूपयें 2,400/-
व्यय किए जा
चुके है।
12.
आवासीय
विद्यालय
संचालन/संस्थापन(धारा
275(1))
योजना की
रूपरेखा एवं उद्देश्य
जनजाति
वर्ग के
छात्र-छात्राऐं
निर्धनता के
कारण अध्ययन
के दौरान आवास,
भोजन आदि की
सुविधा के
अभाव में जारी
नही रख पाते
है ऐसे
छात्रों को
नि-शुल्क
आवास एवं अन्य
सुविधाऐं मुहैया
कराने की
दृष्टि से
भारत सरकार से
प्राप्त
भारतीय
संविधान की
धारा 275(1) अन्तर्गत
प्राप्त
राशि से आवासीय
विद्यालय की
स्थापना की
जा रही है। ताकि
छात्र-छात्राऐं
उसी में आवास
की परिसर में
अध्ययन कर
सके। यह योजना
वर्ष 2002-03 में
प्रारम्भ की
गई है। सहरिया
छात्र-छात्राओं
को प्रवेश
देकर उच्च
शिक्षा उपलब्ध
करवाने के
साथ-साथ नामांकित
बच्चों को
नि:शुल्क
आवास एवं अन्य
सुविधाऐं
मुहैया करवाई
जाती है ताकि
छात्र-छात्राऐं
उसी में आवास
कर परिसर में
अध्ययन कर
सके।
देय
लाभ
आवासीय
विद्यालयों
में प्रवेशित
छात्र/छात्राओं
को आवास एवं
शिक्षा की
समस्त
सुविधा उपलब्ध
करवाई जाती
है।
प्रगति
वर्ष 2010-11
में इस योजना
के अन्तर्गत
आयुक्त
महोदय टीएडी
उदयपुर से
राशि रूपयें 62.83
लाख प्राप्त
हुए है।
प्राप्त
राशि के
विपरीत माह
मार्च 2011 तक 288
छात्रों को लाभान्वित
कर रूपयें 42.24
लाख व्यय
किये जा चुके
है।
B. प्रशिक्षण
13.
बी.एस.टी.सी.
प्रशिक्षण
(ज.क.नि.)
उद्देश्य
सहरिया जनजाति
के
छात्र-छात्राऐं
जो कि सीनियर
सैकेण्डरी
परीक्षा उत्तीर्ण
कर बी.एस.टी.सी.
का दो वर्षीय प्रशिक्षण
प्राप्त कर
रहे है। उन
छात्राओं को
प्रशिक्षण
हेतु आर्थिक
सहायता उपलब्ध
करवाना है,
ताकि सहरिया
जनजाति के
छात्र-छात्राऐं
प्रशिक्षण को
पूरा कर सके।
बी.एस.टी.सी. का
दो वर्षीय
प्रशिक्षण
प्राप्त करने
को प्रेरित करने
के उद्देश्य
से इस योजना
का प्रारम्भ
किया गया है। ताकि
सहरिया
युवक-युवती
अन्य के
समकक्ष आ सके।
इस योजना के
प्राचार्य बी.एस.टी.सी.
से प्रशिक्षण
प्राप्त कर रहें
सहरिया
छात्र-छात्राओं
की सूची प्राप्त
कर कार्यालय
से स्वीकृति
जारी कर प्राचार्य
बी.एस.टी.सी. को राशि
वितरित करने
हेतु उपलब्ध
करवाई जाती
है। यह योजना
वर्ष 2007-08 से संचालित
की जा रही है।
देय
लाभ
तहसील
शाहबाद एवं
किशनगंज के
सहरिया आदिम
जाति के
छात्र-छात्राऐं
जो बी.एस.टी.सी.
को दो वर्षीय प्रशिक्षण
प्राप्त कर
रहे है, उन
प्रशिक्षणार्थियों
को प्रशिक्षण
हेतु प्रथम
वर्ष 25,000/- तथा
द्वितीय वर्ष 15,000/-
की आर्थिक
सहायता
प्रदान की
जाती है।
प्रगति
वर्ष 2010-11
में इस योजना
के अन्तर्गत
रूपयें 4.80 लाख
का प्रावधान
किया गया है। प्रावधान
के विपरीत माह
मार्च 2011 तक 12
प्रशिक्षणार्थियों
को लाभान्वित
कर रूपयें 1.80
लाख व्यय किए
जा चुके है।
14. बी.एड. प्रशिक्षण
(ज.क.नि.)
उद्देश्य
सहरिया
क्षेत्र के
छात्रों को बी.एड. प्रशिक्षण
दिलाने हेतु
आर्थिक
सहायता प्रदान
करना ही योजना
का मूल
उद्देश्य है
ताकि सहरिया
क्षैत्र के
जनजाति छात्र
राजकीय
सेवाओं में
अपनी
भागीदारी रख
सकें। इसके
लिए इन
छात्रों को
छात्रावास
शुल्क, छात्रवृत्ति,
शिक्षण शुल्क
एवं स्टेशनरी
के रूप में
आर्थक सहायता
दिये जाने का प्रावधान
रखा गया है।
यह योजना वर्ष
2004-05 से संचालित
की जा रही है।
देय
लाभ
तहसील
शाहबाद एवं
किशनगंज के
सहरिया आदिम
जनजाति के
छात्र/छात्राओं
जो पी.टी.ई.टी
के माध्यम से
नियमित रूप से
बी.एड. का
प्रशिक्षण
प्राप्त कर
रहे है इन
छात्र/छात्राओं
को बी.एड.
प्रशिक्षण
हेतु वर्ष 2010-11से
राशि रूपयें
60,000/- की आर्थक
सहायता
प्रदान की
जावेगी।
प्रगति
वर्ष 2010-11
में इस योजना
के अन्तर्गत रूपयें
1.20 लाख का
प्रावधान
किया गया था।
संशोधित
प्रावधान राशि
रूपयें 5.00 लाख
के विपरीत माह
मार्च 2011 तक 1
प्रशिक्षणार्थी
को लाभान्वित
कर रूपयें 0.60
लाख व्यय किए
जा चुके है।
15.
आश्रम
छात्रावासों
में कम्प्यूटर
सेन्टर
आरकेसीएल के
माध्यम से
कम्प्यूटर
प्रशिक्षण(ज.क.नि.)
एवं (वि.के.सहा.)
उद्देश्य
सहरिया
क्षेत्र में
संचालित
सहरिया आश्रम
छात्रावासों
में अध्ययनरत
कक्षा के
छात्र-छात्राओं
को टीएसपी
क्षेत्र में
संचालित
आश्रम
छात्रावासों
के समान राजस्थान
नोलेज
कार्पोरेशन लिमिटेड
द्वारा 66 घन्टे
का कम्प्यूटर
सूचना तकनीक
का कार्यक्रम
बनाया गया है।
यह योजना वर्ष
2009-10 में प्रारम्भ
की गई है। इस
कार्यक्रम
द्वारा कम्प्यूटर
एवं सूचना तकनीक
में सहरिया जनजाति
के
युवक/युवतियों
को भी दक्ष
किया जावेगा।
देय
लाभ
तहसील
शाहबाद एवं
किशनगंज के
सहरिया आदिम
जनजाति के
छात्र/छात्राऐं
जो आश्रम
छात्रावासों
में अध्ययनरत
है को इस
योजना के तहत
लाभान्वित
किया जाता है।
प्रगति
वर्ष 2010-11
में इस योजना
के अन्तर्गत
रूपयें 9.60 लाख
का प्रावधान
किया गया है। प्रावधान
के विपरीत माह
मार्च 2011 तक 229
छात्र/छात्राओं
को लाभान्वित कर
रूपयें 5.26 लाख
व्यय किए जा
चुके है।
15.
सहरिया
ए.एन.एम.
प्रशिक्षणार्थी
को आर्थिक
सहायता(ज.क.नि.)
उद्देश्य
बारॉ
जिला मुख्यालय
पर ए.एन.एम.
प्रशिक्षण
केन्द्र में
सहरिया
जनजाति की
युवतियों
हेतु आरक्षण
किया गया है।
इनकी आर्थिक
स्थिति कमजोर
होने के कारण प्रशिक्षण
में होने वाला
व्यय वहन
करने की
स्थिति में
नही है। इस
योजना का उद्देश्य
उनको आर्थिक
सहायता
प्रदान करना
है, ताकि
सहरिया
युवतियां ए.एन.एम.
का प्रशिक्षण
पूरा कर सकें।
यह योजना वर्ष
2009-10 से प्रारम्भ
की गई।
देय
लाभ
तहसील
शाहबाद एवं
किशनगंज के
सहरिया आदिम
जनजाति बारॉ जिला
मुख्यालय पर ए.एन.एम.
प्रशिक्षण केन्द्र
में सहरिया
जनजाति की
युवतियों को
प्रशिक्षण अवधि
में रूपयें 1000
प्रतिमाह की
दर से देय है।
प्रगति
वर्ष 2010-11
में इस योजना
के अन्तर्गत
रूपयें 1.00 लाख का
प्रावधान
किया गया है।
प्रावधान के
विपरीत माह मार्च
2011 तक 12
प्रशिक्षणार्थियों
को लाभान्वित
कर रूपयें 1.69
लाख व्यय
किये जा चुके
है।
B. स्वास्थ्य
एवं चिकित्सा
17. क्षयरोग
नियन्त्रण
एवं स्वास्थ्यकर्मी
योजना (ज.क.नि.)
उद्देश्य
क्षयरोग
एक भयानक रोग
है। इस रोग के
उन्मूलन के
लिए राष्ट्रीय
रूतर पर प्रयास
किए जा रहे
है। परन्तु
दूर दराज के
गॉव से रोगियों
की सूचना स्वास्थ्य
विभाग को नही
मिल पाती है व
जिनकी सूचना
मिलती है
उसमें भी आधे
से अधिक रोगी
ईलाज अधूरा
छोड देते है। अत:
कार्य योजना
क्षैत्र में
शत-प्रतिशत रोगियों
की पहचान कर
उनका पूरा
ईलाज
सुनिश्चित
किए जाने के उद्देश्य
से योजना वर्ष
2004-05 से
क्रियान्वित
की जा रही है।
देय
लाभ
योजना
के माध्यम से
तहसील शाहबाद
एवं किशनगंज
के सहरिया आदिम
जनजाति के
संभावित रोगियों
का घर-घर जाकर पता
लगाया जाता है
एवं रोगी की
पहचान की जाती
है। संभावित
रोगियों को
निकटतम
प्राथमिक स्वास्थ्य
केन्द्र ले
जाकर बलगम की जांच
की जाती है
तथा एक्सरे
भी किया जाता
है। रोगी की
पहचान होने पर
प्राथमिक स्वास्थ्य
केन्द्र से दवाईंयां
दिलवाई जाती है
एवं विभाग
द्वारा देय
पोशाहार रोगियों
को उपलब्ध
करवाया जाता
है। रोगी
पूर्ण रूप से
जब तक स्वस्थ्य
नही हो जाता उसकी
जांच जारी रखी
जाती है। इस
कार्यक्रम
में स्वास्थ्यकर्मी
योजना का भी
संचालन किया
जाता है।
प्रगति
वर्ष 2010-11
में इस योजना
के अन्तर्गत
रूपयें 19.00 लाख
का प्रावधान
किया गया है। प्रावधान
के विपरीत माह
मार्च 2011 तक
रूपयें 7.07 लाख
व्यय किए जा
चुके है।
18.
दुर्घटना एवं
बीमारी में
सहायता (ज.क.नि.)
उद्देश्य
सहरिया
आदिम जनजाति
के कमाउ सदस्य
के साथ दुर्घटना
होने के कारण,
बिमारी के
कारण मृत्यू अथवा
कार्य ना कर
सकने की
स्थिति
प्राकृतिक
आपदा से
नुकसान की
स्थिति में
आर्थिक
सहायता प्रदान
करना योजना का
उद्देश्य है।
यह योजना वर्ष
2008-09 से प्रारम्भ
की गई है।
देय
लाभ
योजनान्तर्गत
जिला कलक्टर
एवं अध्यक्ष
सहरिया विकास
समिति शाहबाद
की अनुशंसा पर
पीढित सहरिया आदिम
जनजाति के कमाउ सदस्य
को अधिकतम 10000
रूपयें
प्रदान किए
जाते है।
प्रगति
वर्ष 2010-11
में इस योजना
के अन्तर्गत रूपयें
1.00 लाख का
प्रावधान किया
गया था।
संशोधित प्रावधान
रूपयें 5.00 लाख
के विपरीत माह
मार्च 2011 तक 25
सहरिया व्यक्तियों
को लाभान्वित
किया जाकर
रूपयें 2.50 लाख
व्यय किए जा
चुके है।
D. कृषि
एवं सिचाईं
19. एनीकट
निर्माण
(वि.के.सहा.)
योजना की रूपरेखा
एवं उद्देश्य
जिला
बारॉ के
सहरिया बाहुल्य
क्षेत्र
शाहबाद एवं
किशनगंज
तहसील
क्षेत्र में
सहरिया जनजाति
के कृषकों को
खेतों के निकट
जल को रोककर
भूमिगत जल स्तर
को बढाने तथा
जलसंग्रहण कर सिचाईं
करने के उद्देश्य
से एनीकटों का
निर्माण
करवाया जाता
है। यह योजना
वर्ष 1995-96 से
प्रारम्भ की
गई है।
देय
लाभ
तहसील
शाहबाद एवं
किशनगंज
क्षेत्र के
प्रत्येक
एनीकट से
लाभान्वित
होने वाले
औसतन ............... सहरिया
परिवार होने
चाहिए।
लाभान्वित कृषको
में 50 प्रतिशत
से अधिक
सहरिया
जनजाति के कृषक
होने चाहिए
एवं प्रत्यक्ष,
अप्रत्यक्ष
रूप से सिचाईं
सुविधा से
लाभान्वित
होने वाली कृषि
भूमि कम से कम 50
प्रतिशत भूमि
सहरिया कृषको
की होनी
चाहिए।
प्रगति
वर्ष 2010-11
में इस योजना
के अन्तर्गत
रूपयें 50.00 लाख
का प्रावधान
किया गया है। प्रावधान
के विपरीत माह
मार्च 2011 तक
रूपयें 37.50 लाख
व्यय किए जा
चुके है।
20. सामुदायिक
कृषि ट्यूबबैल
(वि.के.सहा.)
योजना की
रूपरेखा एवं उद्देश्य
सहरिया
आदिम जनजाति
के क्रषको को
सिंचाई सुविधा
उपलब्ध
कराने के उद्देश्य
से है। सहरिया
आदिम जनजाति
के कृषक के
समूह के मध्य
एक सामुदायिक कृषि
ट्यूबबैल की
स्थापना की
जावेगी। कृषक
समूह में न्यूनतम
5 सहरिया
जनजाति कृषक
होंगे समूह के
पास न्यूनतम
कुल 20 हेक्टयर
कृषि योग्य
भूमि होनी
चाहिए।
सहरिया कृषकों
की आमदनी में
बढोतरी हेतु
यह योजना वर्ष
2009-10 से प्रारम्भ
की गई है।
देय
लाभ
सहरिया
आदिम जनजाति
के कृषक को
समूह में न्यूनतम
5 कृषक होने
एवं समूह के
पास न्यूनतम
कुल 20 हेक्टयर
कृषि योग्य
भूमि होने पर ट्यूबबैल
का डिंलिग
कार्य, स्थापना
एवं पम्प
हाउस एवं
विद्युत
कनेक्शन का
व्यय विभाग
द्वारा वहन
किया जावेगा।
परिचालन लागत
समूह के कृषको
को वहन करनी
होगी।
प्रगति
वर्ष 2010-11
मे इस योजना
के अन्तर्गत
रूपयें 27.25 लाख
का प्रावधान
किया गया है।
प्रावधान के
विपरीत माह
मार्च 2011 तक
रूपयें 0.00 लाख
व्यय किये जा
चुके है। भूजल
विभाग कोटा से
फिजिबिलिटी
की रिपोर्ट
प्राप्त
होने के पश्चात
कार्यकारी
एजेन्सी
नियुक्त करने
की कार्यवाही
प्रगति पर है।
21.
नि:शुल्क
सामुदायिक
डीजल पम्पसेट
वितरण
(वि.के.सहा.)
योजना की
रूपरेखा एवं उद्देश्य
सहरिया
आदिम जनजाति
क्षेत्र में
जनजाति
उपयोजना क्षेत्र
की भॉति सिंचाई
योजनाओं को
बढावा देने
तथा सहरिया
लोगों की
आर्थिक
स्थिति में
सुधार लाने के
उद्देश्य से
यह योजना वर्ष
1986-87 से
क्रियान्वित
की जा रही है।
देय
लाभ
इस
योजना के तहत
तीन से पॉच कृषको
के मध्य एक
पम्पसैट
नि:शुल्क
दिया जाता है।
लाभान्वित कृषको
की भूमि लगभग तीन
हैक्टयर
होनी चाहिए।
पानी का स्रोत
यथा कुआ, नाला, नदी
आदि पास में
होना चाहिए।
लाभान्वित कृषक
लघु सीमांत
कृषक होना
चाहिए। योजना
के पात्र
सहरिया कृषको के
प्रस्ताव
सीधे/तहसील के
माध्यम से
परियोजना
कार्यालय में
आने पर
परियोजना
कार्यालय
द्वारा स्वीकृति
जारी की जाती
है। पम्पसैट
खुली निविदा
द्वारा क्रय
कर वितरण की
कार्यवाही की
जाती है।
प्रगति
वर्ष 2010-11
में इस योजना
के अन्तर्गत
रूपयें 14.75 लाख का
प्रावधान
किया गया है। प्रावधान
के विपरीत माह
मार्च 2011 तक
रूपयें 14.57 लाख
व्यय किए
जाकर 197 कृषको को
समूह में 50
डीजल पम्पसैट
वितरण किए जा
चुके है।
22.
ब्लास्टिंग
द्वारा कुऐं
गहरा कराना
(वि.के.सहा.)
योजना की
रूपरेखा एवं उद्देश्य
सहरिया कृषको
की खाते की
भूमि पर बने
कुऐं जिसमें
पानी नही है
तथा पत्थर के
कारण आगे
खुदाई संभव
नही है। इस
प्रकार के
कुओं को ब्लास्टिंग
द्वारा गहरा
करवाया जाता
है। कुऐं के
गहरें होने से
पानी आ जाता है
एवं सहरिया
क्रषक को सिंचाई
सुविधा उपलब्ध
हो जाती है।
सहरिया कृषक
के द्वारा
निर्धारित प्रपत्र
में आवेदन एवं
पटवारी की
रिपोर्ट के
अनुसार परियोजना
कार्यालय से स्वीकृति
जारी की जाती
है। स्वीकृति
उपरान्त
भूजल विभाग के
माध्यम से ब्लास्टिंग
का कार्य करवाया
जाता है। यह
योजना वर्ष 2004-05
से प्रारम्भ
की गई।
देय
लाभ
तहसील
शाहबाद एवं
किशनगंज
क्षेत्र के सहरिया
आदिम जनजाति के
व्यक्तियों
को इस योजना
के तहत
लाभान्वित
किया जावेगा।
प्रगति
वर्ष 2010-11
में इस योजना
के अन्तर्गत रूपयें
3.00 लाख का
प्रावधान
किया गया है।
प्रावधान के
विपरीत माह
मार्च 2011 तक
रूपयें 0.00 लाख
व्यय किये जा
चुके है।
कार्य प्रगति
पर है।
23. कृषि
उपकरण वितरण (वि.के.सहा.)
योजना की
रूपरेखा एवं उद्देश्य
सहरिया कृषकों
को खेती के
काम में आने
वाले उपकरणों
को अनुदान के
माध्यम से उपलब्ध
करवाना इस
योजना का उद्देश्य
है। सहरिया
क्रषक अपनी
आर्थिक
स्थिति कमजोर
होने के कारण
खेती में काम
आने वाले
उपकरण क्रय नही
कर पाते है।
यह योजना वर्ष
2008-09 से प्रारम्भ
की गई है।
देय
लाभ
तहसील शाहबाद
एवं किशनगंज
क्षेत्र के सहरिया
आदिम जनजाति
के व्यक्तियों
को इस योजना
के माध्यम से
25 प्रतिशत
लागत
लाभार्थी
द्वारा वहन
करने पर शेष 75
प्रतिशत राशि
परियोजना
द्वारा उपलब्ध
करवाई
जावेगी।
क्रषि विभाग
के माध्यम से
प्राप्त
आवेदनों की
परियोजना
द्वारा स्वीक्रति
जारी कर राशि क्रषि
विभाग को
उपलब्ध कराई
जावेगी।
प्रति क्रषक को
अधिकतम राशि
रूपये 7500 का
अनुदान स्वीक्रत
किया जा
सकेगा।
प्रगति
वर्ष 2010-11
में इस योजना
के अन्तर्गत रूपयें
0.00 लाख का
प्रावधान
किया गया है।
प्रावधान के
विपरीत माह
मार्च 2011 तक
रूपयें 15.00 लाख
व्यय किए
जाकर 200 सहरिया
क्रषको को
योजनान्तर्गत
लाभान्वित
किया जा चुका
है।
E. निर्माण
कार्य
24. आश्रम
छात्रावास
परियोजना
कार्यालय भवन
एवं कर्मचारी
आवास
आधुनिकीकरण/मरम्मत/रख-रखाव
(ज.क.नि.)
उद्देश्य
सहरिया
आश्रम
छात्रावासों
में दैनिक
उपयोगी
सामग्री बिस्तर,
पलंग-पेटियां
एवं रसोई के
सामान आदि
अधिक पुराने
हाने या
निरंतर उपयोग
में आने से
टूट-फट जाते
है। प्लास्टर
बदलने, बिजली
नल व्यवस्था
में सुधार,
सफेदी
रंग-रोगन,
खिडकी,
दरवाजे, वायरगेज
दुरस्त आदि
कार्य हेतु
योजना प्रस्तावित
की गई है। यह
योजना 2004-05 से
प्रारम्भ की
गई है।
देय
लाभ
योजना
के अन्तर्गत
प्लास्टर
बदलने, बिजली,
नल व्यवस्था
में सुधार,
सफेदी
रंग-रोगन,
खिडकी,
दरवाजे, वायरगेज
दुरस्त आदि
कार्य किए
जावेंगे।
प्रगति
वर्ष 2010-11
में इस योजना
के अन्तर्गत राशि
का प्रावधान
नही किया गया
है। पिछले
वर्ष की बचत
से माह मार्च 2011
तक रूपयें 11.16 लाख
व्यय किए जा
चुके है।
25. आवासीय
विद्यालय भवन
निर्माण
शाहबाद (धारा 275(1))
योजना की
रूपरेखा एवं उद्देश्य
जनजाति
वर्ग के
छात्र-छात्राऐं
निर्धनता के कारण
अध्ययन के
दौरान आवास,
भोजन आदि की
सुविधा के अभाव
में जारी नही
रख पाते है ऐसे
छात्रों को
नि:शुल्क
आवास एवं अन्य
सुविधाएं
मुहैया कराने
की द्रष्टि से
भारत सरकार से
प्राप्त
भारतीय
संविधान की
धारा 275(1) अन्तर्गत
प्राप्त
राशि से
आवासीय
विद्यालय का संचालन
2002 से किया जा
रहा है। ताकि
छात्र-छात्राऐं
उसी में आवास
कर परिसर में
अध्ययन कर
सकें।
देय
लाभ
आवासीय
विद्यालयों
में सहरिया
छात्र-छात्राओं
को प्रवेश
देकर उच्च
शिक्षा उपलब्ध
कराने के
साथ-साथ नामांकित
बच्चों को
छात्रों को
नि:शुल्क
आवास एवं अन्य
सुविधाऐं मुहैया
करवाई जाती
है। ताकि
छात्र-छात्राऐं
उसी में आवास
कर परिसर में
अध्ययन कर
सकें।
प्रगति
वर्ष 2010-11 में
इस योजना के
अन्तर्गत
राशि का
प्रावधान नही
किया गया है।
पिछले वर्ष की
बचत से माह
मार्च 2011 तक
रूपयें 7.62 लाख व्यय
किये जाकर
निर्माण
कार्य पूर्ण
किया जा चुका
है।
26. आश्रम
छात्रावासों
में रीडिंग
रूम निर्माण मय
पुस्तकालय
एवं कम्प्यूटर
(ज.क.नि.)
उद्देश्य
सहरिया क्षेत्र
में संचालित
किए जा रहे
आश्रम छात्रावासों
में सहरिया
आदिम जनजाति के
छात्र-छात्रों
को कम्प्यूटर
की जानकारी
प्रदान करना है।
जिससे छात्र
आधुनिक तकनीक
एवं जानकारी
प्राप्त कर
सकें। इसके
साथ ही
छात्रों हेतु पुस्तकालय
की सुविधा भी उपलब्ध
करवाई जा
सकेगी।
निर्माण
कार्य हेतु
कार्यकारी
एजेन्सी सार्वजनिक
निर्माण
विभाग/सर्व
शिक्षा
अभियान प्रस्तावित
है। यह योजना
वर्ष 2009-10 से
प्रारम्भ की
गई है।
देय
लाभ
सहरिया
छात्रावास
में निवास कर
रहे छात्र/छात्राओं
को कम्प्यूटर
की जानकारी के
साथ-साथ पुस्तकालय
की सुविधा
प्रदान की
जाती है।
प्रगति
वर्ष 2010-11
में इस योजना
के अन्तर्गत
रूपयें 84.00 लाख
का प्रावधान
किया गया है। प्रावधान
के विपरीत माह
मार्च 2011 तक
रूपयें 21.00 लाख
व्यय किए जा
चुके है।
F. आजीविका
27. सहरिया
परिवारों के
सतत् विकास
हेतु जीविकोपार्जन
योजना की
रूपरेखा एवं उद्देश्य
सहरिया
क्षेत्र में
बैफ के माध्यम
से संचालित
योजना के विस्तार
किये जाने के उद्देश्य
से 40.55 लाख की
विभिन्न
योजनाऐं वर्ष 2005-06
से पंचवर्षीय
योजना प्रस्तावित
की गई है।
जिसमें बाडी
एवं उन्नत
कृषि के द्वारा
उनकी कमजोर व
अनउपजाउ जमीन
को उर्वरक
भूमि में
बदलना। परम्परागत
कृषि पद्धति
में बदलाव लाकर
(तकनिकी
जानकारी देकर)
स्वयं के
परिवारों के
लिए स्थायी
रोजगार
बढाना। स्वास्थ्य
एवं घरेलु सफाई
में सुधार
हेतु गृहदशा
को बढावा
देना, छोटे
पशुओं जैसे बकरी
द्वारा
फायदेमन्द रोजगार
में बढावा,
प्रसार
प्रशिक्षण,
वातावरण एवं
जीवन शैली के
बारे में
जानकारी देते
हुए आदिवासी
समुदाय के
लोगों का विकास
करना आदि
योजनाऐं
क्रिसान्वित
की जाती है।
देय
लाभ
सहरिया
परिवारों के
सतत् विकास
एवं
जीविकोपार्जन
हेतु इस योजना
की
क्रियान्विति
बायफ संस्था
के द्वारा की
जा रही है।
जिसमें 10
विभिन्न
प्रकार की
गतिविधियों
का संचालन
किया जा रहा
है। जिसमें
योजना के प्रारम्भ
से लेकर मार्च
2011 तक अर्जित
भौतिक एवं
वित्तिय
प्रगति का
विवरण निम्नानुसार
है।
|
क्र.सं. |
गतिविधि
का नाम |
आवंटित
लक्ष्य |
मार्च
2011 तक |
||
|
भौतिक |
वित्तीय |
भौतिक |
वित्तीय |
||
|
1 |
जल
संसाधन
विकास |
20 संख्या |
2476000 |
20 |
1745280 |
|
2 |
उन्नत
कृषि एवं
फलोद्यान
कार्य |
300 वाडी |
2857000 |
301 |
3116693 |
|
3 |
बकरी
ईकाई
कार्यक्रम
(बीमा सहित) |
150
परिवार |
1776500 |
150 |
1776491 |
|
4 |
नस्ल
सुधार हेतु
वितरण जनक
बकरों का |
25 बकरे |
87000 |
25 |
86929 |
|
5 |
भूमि
विकास |
100
परिवार |
198000 |
70 |
89370 |
|
6 |
क्षैत्रिय
भ्रमण |
10 संख्या |
109000 |
2 |
57038 |
|
7 |
तकनिकी
प्रशिक्षण/फिल्ड
गाइड भत्ता |
36 संख्या |
164000 |
36 |
324289 |
|
8 |
स्थानीय
समुदाय
सहजकर्ता |
NIL |
110000 |
19 |
283604 |
|
9 |
ग्रामीण
गैर कृषि उद्योग
(RNSF) |
20 परिवार |
148500 |
20 |
98000 |
|
10 |
सामुदायिक
बैठके तथा
पी.आर.ए. |
18 गांव |
295000 |
18 |
295000 |
|
|
कुल
योग |
|
8221000 |
|
7872694 |
28. स्वरोजगार
योजना
(वि.के.सहा.)
योजना
की रूपरेखा
एवं उद्देश्य
सहरिया
आदिम जनजाति
के बेरोजगार
व्यक्तियों
को रोजगार
उपलब्ध
कराने तथा
रोजगार में
आर्थिक सहायता
प्रदान करना
इस योजना का
प्रमुख उद्देश्य
है। यह योजना
वर्ष 2005-06 से
प्रारम्भ की
गई है।
देय
लाभ
तहसील
शाहबाद एवं
किशनगंज
क्षेत्र के सहरिया
आदिम जनजाति
के व्यक्तियों
को इस योजना
में अधिकतम 10000/-
अथवा योजना की
लागत का 50
प्रतिशत जो भी
कम हो दिया
जाता है।
प्रगति
वर्ष 2010-11 में
योजना के अन्तर्गत
रूपयें 0.00 लाख
का प्रावधान किया
गया है। प्रावधान
के विपरीत माह
मार्च 2011 तक रूपयें
9.00 लाख व्यय
किये जाकर 90
सहरिया व्यक्तियों
को लाभान्वित
किया जा चुका
है।
G. अन्य
योजनायें
29. आश्रम
छात्रावासों
में नवीन
सामग्री क्रय
(ज.क.नि.)
उद्देश्य
सहरिया
क्षेत्र में
पूर्व के
वर्षो में संचालित
सहरिया आश्रम छात्रावासों
में बिस्तर,
बर्तन, सन्दूक
आदि निरन्तर
उपयोग में
किये जाने से
खराब हो चुके
है एवं अब
छात्रों के
उपयोग करने के
स्थिति में
नही रहे है अत: ऐसे
सामानों को
बदलने हेतु योजना
प्रस्तावित
की गई है। यह
योजना वर्ष 2010-11
से प्रारम्भ
की गई है
देय
लाभ
योजना
के अन्तर्गत
आश्रम
छात्रावासों
में रहने वाले
छात्र-छात्राओं
को रहने में
आवश्यक
सुविधा उपलब्ध
करवाई जाती
है।
प्रगति
वर्ष 2010-11
में इस योजना
के अन्तर्गत रूपयें
21.60 लाख का
प्रावधान
किया गया है। प्रावधान
के विपरीत माह
मार्च 2011 तक
रूपयें 14.06 लाख व्यय
किये जाकर 21
छात्रावासों
में
छात्र/छात्राओं
के उपयोगी
सामग्री उपलब्ध
करवाई जा चुकी
है।
30. आवसीय
विद्यालय
किशनगंज
संचालन/संस्थापन
(ज.क.नि.)
उद्देश्य
जनजाति उपयोजना
क्षेत्र में
संचालित जनजाति
आवासीय
विद्यालयों
के पैटर्न अनुसार
बालिका
आवासीय विद्यालय
किशनगंज का
संचालन किया
जावेगा। इस
आवासीय
विद्यालय में
कक्षा 6 से 10 तक
की 150 छात्राओं
को विद्यालय
में अध्ययन
करवाने के
साथ-साथ छात्रावास
की सुविधा
उपलब्ध
करवाई
जावेगी। इस
आवासीय
विद्यालय का
संचालन अगस्त
2007 से किया जा
रहा है।
देय
लाभ
आवासीय
विद्यालय में
अध्ययनरत
सहरिया आदिम
जनजाति की
छात्राऐं जो
आवासीय
विद्यालय में
रहकर अध्ययन
करती है। ऐसी
सभी सहरिया
आदिम जनजाति की
छात्राओं को आवास
एवं भोजन की
सुविधा उपलब्ध
करवाने के
साथ-साथ उसी
प्रांगण में
पढाई की व्यवस्था
तथा ड्रेस,
कोचिंग अन्य सुविधाएं
नि:शुल्क उपलब्ध
करवाई जाती
है।
प्रगति
वर्ष 2010-11
में इस योजना
के अन्तर्गत रूपयें
61.78 लाख का
प्रावधान
किया गया है।
प्रावधान के
विपरीत माह
मार्च 2011 तक
रूपयें24.89 लाख
व्यय किए
जाकर 142
छात्राओं को
योजना के तहत
लाभान्वित किया
जा चुका है।
31. मॉ-बाडी
भवन निर्माण - 50
(ज.क.नि.)
उद्देश्य
सहरिया
क्षेत्र में
शिक्षा सत्र 2008-09
से 50 नवीन
मॉ-बाडी केन्द्र
प्रारम्भ
किए गए है।
नवीन मॉ-बाडी केन्द्र
प्रारम्भ
होने से इनका
संचालन किराए
के भवनों में
किया जा रहा है।
इन नवीन
मॉ-बाडी केन्द्रो
के भवनों का
निर्माण करवाने
हेतु योजना प्रस्तावित
की गई है।
जिससे इन
मॉ-बाडी केन्द्रो
का संचालन स्वयं
के भवनों में
किया जा सके।
देय
लाभ
प्रत्यके
मॉ-बाडी
केनद्र में 30
सहरिया छात्र-छात्राओं
को प्रवेश
देकर
प्राथमिक शिक्षा
उपलब्ध
करवाने के
अतिरिक्त केन्द्र
पर नामांकित
बच्चों को दोपहर
का भोजन, एक
समय का अल्पहार,
स्कूल पौशाक
आदि उपलब्ध
करवाई जाती
है।
प्रगति
वर्ष 2010-11
में इस योजना
के अन्तर्गत राशि
का प्रावधान
नही किया गया
है। पिछले
वर्ष की बचत
से माह मार्च 2011
तक रूपयें 7.36 लाख
व्यय किए जा
चुके है।
32
सडक निर्माण
(ज.क.नि.)
उद्देश्य
सहरिया
क्षेत्र के
ऐसे गांव/बस्ती
जो अभी भी
मुख्य सडक से
नही जुड पाये
है। ऐसे
गांव/बस्ती
को मुख्य सडक
से ग्रेवल सडक
द्वारा जोडने
हेतु सडक
निर्माण की
योजना प्रस्तावित
की गई है। यह
योजना वर्ष 2008-09
से प्रारम्थ
की गई है।
देय
लाभ
तहसील
शाहबाद एवं
किशनगंज के
ऐसे गांव/बस्ती
में सडक
निर्माण होने
से सहरिया
आदिम जनजाति
के लोगों को
बेहतर आवागमन की
सुविधा उपलब्ध
हो सकेगी।
प्रगति
वर्ष 2010-11
में इस योजना
के अन्तर्गत रूपयें
0.00 लाख का
प्रावधान
किया गया है।
प्रावधान के
विपरीत माह
मार्च 2011 तक
रूपयें 3.36 लाख
व्यय किये
जाकर निर्माण
कार्य पूर्ण
किया जा चुका
है।
33. कल्वर्ट
निर्माण
(ज.क.नि.)
उद्देश्य
सहरिया
क्षेत्र के
दूरस्त
गांव/बस्ती
जाे अभी भी वर्षा
के मौसम में
स्थानीय नाले
में पानी होने
से आवश्यक कार्य
होने पर गांव/बस्ती
के बाहर नही
जा पाते है। ऐसे
गांव/बस्ती
में वर्षा के
मौसम आवागमन
सुगम करने
हेतु कल्वर्ट
निर्माण की
योजना प्रस्तावित
की गई है। यह
योजना वर्ष 2008-09
से प्रारम्भ
की गई है।
देय
लाभ
तहसील
शाहबाद एवं
किशनगंज के
सहरिया
गांव/बस्ती में
कल्वर्ट निर्माण
होने से
सहरिया आदिम जनजाति
के लोगों को वर्षा
के मौसम में
भी स्थानीय
नाले में पानी
आने पर आवागमन
की सुविधा
उपलब्ध हो
सकेगी।
प्रगति
वर्ष 2010-11 में
योजना के अन्तर्गत
रूपयें 0.00 लाख
का प्रावधान
किया गया है। प्रावधान
के विपरीत माह
मार्च 2011 तक
रूपयें 3.17 लाख
व्यय किये
जाकर निर्माण
कार्य पूर्ण
किया जा चुका
है।
34.
सहरिया विकास
कार्यक्रमों
का
प्रचार-प्रसार
(ज.क.नि.)
उद्देश्य
जनजाति
क्षेत्रिय
विकास विभाग द्वारा
सहरिया आदिम
जनजाति के
विकास हेतु
संचालित योजनाओं
की जानकारी सहरिया
जनजाति के आम
व्यक्ति तक
पॅहुचाने एवं
अर्जित
उपलब्धियों का
पोस्टर एवं
पम्पलेट के
माध्यम से
प्रचार-प्रसार
करना इस योजना
का मुख्य उद्देश्य
है। यह योजना
वर्ष 2007-08 से
प्रारम्भ की
गई है।
देय
लाभ
तहसील
शाहबाद एवं
किशनगंज के
सहरिया आदिम जनजाति
के सहरिया व्यक्तियों
को परियोजना
द्वारा संचालित
योजनाओं की
जानकारी होगी
एवं योजनाओं
की
क्रियान्विति
बेहतर तरीके
से की जा
सकेगी।
प्रगति
वर्ष 2010-11 में
इस योजना के
अन्तर्गत
रूपयें 0.50 लाख
का प्रावधान किया
गया है। प्रावधान
के विपरीत माह
मार्च 2011 तक
रूपयें 0.04 लाख
व्यय किए जा
चुके है।
भौतिक एवं
वित्तीय
प्रगति माह
मार्च, 2011
सहरिया
विकास
परियोजना की
प्रगति वर्ष 2010-11
जनजाति
कल्याण निधि
|
क्रसं |
योजना
का नाम |
वर्ष
2010-11 में स्वीकृत
राशि |
वर्ष
2010-11 में व्यय
राशि |
लक्ष्य |
उपलब्धि |
|
1 |
आश्रम
छात्रावास
संचालन एवं
अन्य
शैक्षणिक
गतिविधियॉ |
168.70 |
122.72 |
24 |
22 |
|
2 |
नवीन
छात्रावास
संचालन/संस्थापन(2) |
0.00 |
7.85 |
|
|
|
3 |
नवीन
आश्रम
छात्रावास
साजोसामन
क्रय केलवाडा,
समरानियॉ,
नाहरगढ |
10.50 |
9.37 |
3 |
3 |
|
4 |
आश्रम
छात्रावासों
में कम्प्यूटर
सेन्टर(RKCL के
माध्यम से
कम्प्यूटर
प्रशिक्षण) |
9.60 |
5.27 |
21 |
|
|
5 |
आश्रम
छात्रावासों
में नवीन
सामग्री
क्रय |
21.60 |
14.06 |
Not Fix |
|
|
6 |
स्कूल
शिक्षा हेतु
जनजाति
छात्राओं को
आर्थिक सहायता |
3.50 |
0.20 |
10 |
8 |
|
7 |
मुफ्त
पौशाक वितरण (कक्षा
1 से 5) ) |
21.00 |
23.60 |
14000 |
10239 |
|
8 |
मुफ्त
स्टेशनरी
वितरण (कक्षा 1
से 5) ) |
29.50 |
22.92 |
14000 |
10504 |
|
9 |
मुफ्त
स्टेशनरी,
पौशाक एवं स्कूल
फीस वितरण
(कक्षा 6 से 12) 6 से 102) )4 |
38.85 |
38.49 |
2300 |
2276 |
|
10 |
प्रतिभावान
छात्रों को
छात्रवृत्ति |
0.24 |
0.44 |
4 |
8 |
|
11 |
कॉलेज
छात्रों को
आर्थिक
सहायता |
16.40 |
16.40 |
25 |
82 |
|
12 |
सहरिया
छात्राओं को
नि:शुल्क
साईकल वितरण
(कक्षा 9 से 12) |
0.03 |
0.03 |
Not
Fix |
|
|
13 |
बी.एड.
प्रशिक्षण |
5.00 |
0.60 |
2 |
|
|
14 मॉ- |
मॉ-बाडी
योजना |
270.00 |
316.14 |
180 |
180 |
|
15 |
क्षयरोग
नियंत्रण
एवं स्वास्थ्यकर्मी
योजना |
19.00 |
7.07 |
Not
Fix |
|
|
16 |
आश्रम
छात्रावास
शैक्षणिक
भ्रमण |
7.50 |
5.28 |
|
|
|
17 |
सहरिया
छात्रों को
उपस्थिति
प्रोत्साहन |
0.00 |
2.83 |
Not
Fix |
435 |
|
18 |
आवासीय
विद्या
किशनगंज
संचालन/संस्था |
45.00 |
24.89 |
1 |
1 |
|
19 |
संभागीय
आयुक्त
कार्यालय
कोटा एवं
एडीएम
शाहबाद हेतु कार्यालय
व्यय |
0.50 |
0.77 |
2 |
2 |
|
20 |
संभागीय
आयुक्त
(सहरिया) कोटा
में नवीन
पदों का सृजन |
1.44 |
1.40 |
1 |
1 |
|
21 |
एडीएम
कार्यालय
शाहबाद में
नवीन पदों का
सृजन |
0.66 |
0.65 |
1 |
1 |
|
22 |
सहरिया
विकास
कार्यक्रमों
का
प्रचार-प्रसार |
0.50 |
0.04 |
Not
Fix |
|
|
23 |
अधूरे
छात्रावासों
को पूर्ण
करना |
0.00 |
11.00 |
0 |
|
|
24 |
आश्रम
छात्रावास
परियोजना
कार्यालय
भवन एवं
कर्मचारी
आवास
आधुनिकीकरण/मरम्मत/रख-रखाव |
0.00 |
11.16 |
0 |
|
|
25 |
बी.एस.टी.सी.
प्रशिक्षण |
4.80 |
1.80 |
20 |
11 |
|
26 |
आश्रम
छात्रावास
खेलकूद
प्रतियोगिता |
0.50 |
0.00 |
1 |
|
|
27 |
पीएमटी/पीएटी/आईआईटी
कोचिंग |
0.70 |
0.00 |
1 |
|
|
28 |
मॉ-बाडी
भवन निर्माण (50) |
0.00 |
7.36 |
21 |
17 |
|
29 |
सडक
निर्माण |
0.00 |
3.36 |
0 |
|
|
30 |
कल्वर्ट
निर्माण |
0.00 |
3.17 |
0 |
|
|
31 |
दुर्घटना
एवं बीमारी
में सहायता |
5.00 |
2.50 |
10 |
25 |
|
32 |
कन्या
छात्रावास
भवन निर्माण (3) |
0.00 |
39.58 |
2 |
1 |
|
33 |
निरिक्षण
हेतु वाहन
किराया |
1.80 |
1.76 |
0 |
0 |
|
34 |
सहरिया
ए.एन.एम. प्रशिक्षणार्थी
को आर्थिक
सहायता |
1.00 |
1.69 |
8 |
12 |
|
35 |
कक्षा 8
से छात्रों
को नि:शुल्क
कोचिंग |
7.20 |
2.42 |
21 |
12 |
|
36 |
आश्रम
छात्रावासों
में रीडिंग
रूम निर्माण मय
पुस्तकालय
एवं कम्प्यूटर |
66.00 |
21.00 |
21 |
21 |
|
|
योग |
756.52 |
727.82 |
30679 |
23205 |
|
भारतीय
संविधान की
धारा 275(1) के तहत |
|||||
|
क्रसं |
योजना
का नाम |
वर्ष
2010-11 में स्वीकृत
राशि |
वर्ष
2010-11 में व्यय
राशि |
लक्ष्य |
उपलब्धि |
|
1 |
बालिका
आवा.विद्या.भवन
निर्माण
किशनगंज |
0.00 |
23.73 |
0 |
0 |
|
2 |
अधीक्षक
आवास गृह
निर्माण |
0.00 |
0.66 |
0 |
0 |
|
3 |
आ.छा. में
अतिरिक्त
कक्ष का
निर्माण |
0.00 |
1.53 |
0 |
0 |
|
4 |
आवासीय
विद्यालय
संचालन |
57.00 |
33.45 |
1 |
1 |
|
5 |
आवासीय
विद्यालय
संस्थापन |
5.83 |
8.79 |
1 |
1 |
|
6 |
आवा.विद्या.
भवन निर्माण
शाहबाद |
0.00 |
7.62 |
0 |
0 |
|
7 |
आवासीय
विद्या.
प्रयोगशाला
स्थापना |
6.00 |
0.00 |
1 |
0 |
|
|
योग |
68.83 |
75.78 |
3 |
2 |
|
|
|||||
|
सहरिया
विकास
परियोजना की
प्रगति वर्ष
2010-11 |
|||||
|
सेन्ट्रर
सेक्टर स्कीम
(सी.सी.डी
योजना) |
|||||
|
क्रसं |
योजना
का नाम |
वर्ष
2010-11 में स्वीकृत
राशि |
वर्ष
2010-11 में व्यय
राशि |
लक्ष्य |
उपलब्धि |
|
1 |
जन श्री
बीमा योजना |
0.00 |
7.43 |
6750 |
6750 |
|
2 |
सहरिया
इनोवेटिव
योजना |
0.00 |
19.00 |
0 |
0 |
|
3 |
मॉ-बाडी
भवन निर्माण (27) |
0.00 |
13.40 |
21 |
13 |
|
4 |
आवासीय
विद्यालय
भवन
निर्मार्ण |
550.00 |
411.74 |
2 |
0 |
|
5 |
आश्रम
छात्रावास
भवन निर्माण
केलवाडा |
0.00 |
23.27 |
1 |
1 |
|
6 |
आश्रम
छात्रावास
भवन निर्माण
जलवाडा |
50.00 |
0.00 |
1 |
0 |
|
7 |
सहरिया
आवास
निर्माण |
509.40 |
354.50 |
486 |
205 |
|
8 |
किचन
गार्डन में
हुई स्टोन
बाउन्ड्री |
0.00 |
0.00 |
849 |
0 |
|
9 |
सहरिया
बस्ती में
कल्वर्ट
निर्माण |
24.00 |
5.16 |
4 |
4 |
|
10 |
मॉ-बाडी
केन्द्र
संचालन |
40.50 |
46.28 |
27 |
27 |
|
11 |
सहरिया
स्वास्थ्य
सहयोगी |
36.72 |
26.99 |
180 |
180 |
|
|
योग |
1210.62 |
907.77 |
8321 |
7180 |
|
|
|||||
|
विशेष
केन्द्रीय
सहायता |
|||||
|
क्रसं |
योजना
का नाम |
वर्ष
2010-11 में स्वीकृत
राशि |
वर्ष
2010-11 में व्यय
राशि |
लक्ष्य |
उपलब्धि |
|
1 |
एनीकट
निर्माण |
90.00 |
37.50 |
3 |
1 |
|
2 |
सामुदायिक
कृषि
ट्यूबवैल
निर्माण |
60.63 |
0.00 |
Not
Fix |
|
|
3 |
नि:शुल्क
सामु. डीजल
पम्पसेट
वितरण |
32.75 |
14.57 |
42 |
50 |
|
4 |
जल
संसाधन
विकास |
0.00 |
5.12 |
11 |
11 |
|
5 |
उन्नत
कृषि एवं
फलोद्यान
कार्य |
6.72 |
7.22 |
0 |
301 |
|
6 |
भूमि
विकास |
0.00 |
0.31 |
0 |
0 |
|
7 |
क्षेत्र
की
गतिविधियों
के अनुरूप
लाभार्थियों
को
प्रशिक्षण |
0.92 |
0.59 |
0 |
0 |
|
8 |
सामुदायिक
बैठक तथा
पी.आर.ए. |
0.00 |
0.02 |
0 |
0 |
|
9 |
ग्रामीण
गैर कृषि
उद्योग |
0.00 |
0.54 |
11 |
8 |
|
10 |
स्वरोजगार
योजना |
0.00 |
9.00 |
0 |
45 |
|
11 |
ब्लास्टिंग
द्वारा कुएं
गहरा करना |
6.00 |
0.00 |
50 |
0 |
|
12 |
कृषि
उपकरण वितरण |
5.00 |
15.00 |
0 |
200 |
|
13 |
स्थानीय
समुदाय को
प्रशिक्षण |
0.61 |
0.00 |
|
|
|
14 |
आरमोल
एवं अन्य के
द्वारा व्यवसायिक
प्रशिक्षण
एवं टूल
वितरण |
10.00 |
0.00 |
Not
Fix |
0 |
|
15 |
बकरी
ईकाई
कार्यक्रम
(बीमा सहित) |
0.00 |
0.03 |
|
|
|
16 |
नस्ल
सुधार हेतु
जनक बकरों का
वितरण |
0.00 |
0.01 |
|
|
|
17 |
बंद
सामु. जलोथान
योजना को पुन
चालू करना |
2.00 |
0.00 |
|
|
|
|
योग |
214.63 |
89.91 |
117 |
600 |
|
क्रसं |
योजना
का नाम |
वर्ष
2010-11 में स्वीकृत
राशि |
वर्ष
2010-11 में व्यय
राशि |
लक्ष्य |
उपलब्धि |
|
1 |
जनजाति
कल्याण
निधि |
756.52 |
742.75 |
30679 |
23205 |
|
2 |
भारतीय
संविधान की
धारा 275(1) के तहत |
68.83 |
75.78 |
3 |
2 |
|
3 |
सेन्ट्रर
सेक्टर स्कीम
(सी.सी.डी.
योजना) |
1210.62 |
907.77 |
8321 |
7180 |
|
4 |
विशेष
केन्द्रीय
सहायता |
214.63 |
89.91 |
117 |
600 |
|
|
महायोग |
2250.60 |
1816.21 |
39120 |
30987 |